CAA (संशोधित नागरिकता कानून) और NRC (राष्ट्रीय नागरिकता पंजी) के खिलाफ सोमवार को पदयात्रा से जुड़े पर्चे बांट रहे Magsaysay पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पाण्डेय समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिए गए।
पुलिस सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी PTI-Bhasha की रिपोर्ट में बताया गया कि पाण्डेय घंटाघर से गोमतीनगर स्थित उजरियांव तक होने वाली अपनी पदयात्रा से संबंधित पर्चे घंटाघर इलाके में नियमविरुद्ध तरीके से बांट रहे थे। इस पर पाण्डेय तथा उनके नौ साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि पाण्डेय तथा अन्य लोगों को धारा 151 (हटने को कहे जाने के बावजूद जानबूझकर पांच या ज्यादा लोगों का समूह बनाकर खड़े होना) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
#SandeepPandey , Lucknow based activist and #Magsaysay award winner, arrested by @lkopolice when he was trying to take out an anti – #CAA march in the city . cops say it is a ‘technical arrest’ and that he will be released soon ! pic.twitter.com/EMDL14JRmI
— Alok Pandey (@alok_pandey) February 17, 2020
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोपहर इन 10 लोगों को गिरफ्तार कर ठाकुरगंज थाने ले जाया गया था। हालांकि, निजी मुचलका भरने के बाद ये सभी शाम को रिहा कर दिए गए थे।
बता दें कि लखनऊ के घंटाघर परिसर में महिलाएं पिछले एक महीने से सीएए और एनआरसी के खिलाफ अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रही हैं।
स्थानीय पुलिस ने इन्हें हटाने और प्रदर्शन खत्म कराने के लिए कई प्रयास किए, पर महिलाएं अपनी मांगों पर अड़ी हैं। उनका कहना है कि सरकार को CAA वापस लेना चाहिए।

