नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपनी दो दिन की भारत यात्रा के समापन से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें जब उनसे दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हो रही हिंसा के बारे में पूछा गया तो ट्रंप ने कहा कि मैंने इस बारे में सुना है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी से चर्चा नहीं की। यह भारत का अपना मसला है। हालांकि, उन्होंने बताया कि उनकी और मोदी की धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर बात हुई। ट्रम्प ने बताया कि मोदी चाहते हैं कि भारत में लोग धार्मिक रूप से पूरी तरह आजाद हों। उन्होंने इस पर काफी मेहनत की है।
#WATCH US President on Delhi violence & CAA: PM said he wants people to have religious freedom. I heard about individual attacks but I did not discuss it. It is up to India. pic.twitter.com/tk0LOOo1lJ
— ANI (@ANI) February 25, 2020
मोदी शानदार नेता, भारत बेहतरीन देश
ट्रंप ने आगे कहा, “मोदी एक शानदार नेता हैं और भारत एक बेहतरीन देश है। भारत बड़ी मात्रा में अमेरिका से सैन्य उपकरण खरीद रहा है। ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ रहा है। जब ट्रंप से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के दखल पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने अब तक इससे जुड़ी कोई जानकारी उनके साथ साझा नहीं की है।
ट्रंप ने तालिबान से शांति समझौते की चर्चा मोदी से की
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने तालिबान से शांति समझौते पर जारी वार्ता को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत भी यह समझौता होते देखना चाहता है।
कश्मीर मुद्दा भारत-पाकिस्तान खुद सुलझा सकते हैं
ट्रंप ने कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारत और पाकिस्तान खुद ही कश्मीर मुद्दे को सुलझा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने जरूरत पड़ने पर फिर से मध्यस्थता की बात कही। ट्रंप ने कहा कि उनके पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से अच्छे रिश्ते हैं और ऐसे में वे कश्मीर पर मध्यस्थता कर सकते हैं। हालांकि, धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर उन्होंने पाकिस्तान को निशाने पर ले लिया। ट्रंप ने कहा- पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में क्या हो रहा है। जबकि भारत धार्मिक आजादी पर सही काम कर रहा है।
