Doanld Trump Shooting: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पेंसिल्वेनिया की रैली के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इसमें ट्रंप घायल हो गए हैं। घटना के पूरा विश्व हैरान है। रैली के दौरान ट्रंप की पार्टी के समर्थक की गोलीबारी में मौत भी हो गई है और दो अन्य लोग घायल हो गए हैं। यह कोई पहली बार नहीं है, जब किसी राष्ट्र प्रमुख पर इस तरह हमले को अंजाम दिया गया है। इससे पहले भारत से लेकर पाकिस्तान और जापान से श्रीलंका तक इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। आइए जानते हैं कब-कब ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया गया।
स्लोवाकिया के पीएम को बनाया निशाना
इसी साल मई के महीने में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको पर जानलेवा हुआ था। हमलावर ने फिको पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। इस हमले में पीएम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री पर हमला उस समय हुआ था, जब वह ब्रातिस्लावा से लगभग 180 किलोमीटर दूर हैंडलोवा में सांस्कृतिक सामुदायिक केंद्र में सरकारी बैठक खत्म करने के बाद लोगों का अभिवादन कर रहे थे। पीएम पर हुए हमले के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया था।
जापानी प्रधानमंत्री की गोली मारकर कर दी थी हत्या
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की मौत भी 8 जुलाई 2022 को एक हमले की वजह से ही हुई थी। शिंजो आबे को हमलावर ने उस समय टारगेट किया जब वह नारा शहर में एक रैली में अपना भाषण दे रहे थे। हमलावर ने उन पर दो गोलियां चलाईं। इसमें से एक गोली उनके सीने के आरपार हो गई। वहीं, दूसरी गोली उनकी गर्दन पर लगी थी। गोली लगने के बाद आबे तुरंत सड़क पर गिर गए। उनको आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उनकी मौत हो गई। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर हमलावर ने बताया कि वह शिंजो आबे की किसी बात को लेकर उनसे नाराज था।
शेख मुजीबुर्रहमान
बांग्लादेश बनने के बाद देश में सियासी हालात काफी उठापटक भरे रहे थे। पाकिस्तान से लड़ाई लड़कर बांग्लादेश को आजादी दिलाने में अपना योगदान देने वाले शेख मुजीबुर्रहमान को ही वहां पर मौत के घाट उतार दिया गया था। हमलावारों ने शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या तो की है साथ में उनके परिवार को भी मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, उस समय उनके परिवार पर हुए हमले में उनकी दो बेटिंया बच गई थीं। वह उस समय देश से बाहर थी। बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना मुजीबुर्रहमान की बेटी हैं।
लियाकत अली खान
वहीं, अब बात अगर भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की करें तो यहां पर भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। 16 अक्तूबर 1951 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की हत्या कर दी गई थी। वह उस समय रावलपिंडी के कंपनी बाग में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। लियाकत अली खान की हत्या के बारे में एक जरूरी बात यह भी है कि हमलावर ने उन्हें उस जगह टारगेट किया था, जिसे इंटेलिजेंस अफसरों के रिजर्व रखा गया था।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी हुआ हमला
राष्ट्रप्रमुखों की अगर बात की जाए तो भारत में भी इस तरह की घटना हुई थी। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी इसी तरह हमला किया गया था। उनके दो बॉडी गार्ड्स (बेअंत और सतवंत सिंह) ने 31 अक्तूबर 1984 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। हत्याकांड को अंजाम देने वाले हमलावर ऑपरेशन ब्लू स्टार से नाराज थे।
श्रीलंका भी ऐसी घटना से अछूता नहीं
राष्ट्र प्रमुख के खिलाफ हिंसा की घटनाओं से भारत का पड़ोसी मुल्क श्रीलंका भी पीछे नहीं है। वहां देश के तीसरे राष्ट्रपति राणासिंघे प्रेमदासा को 1 मई 1993 को आत्मघाती हमले में मार दिया गया था। प्रेमदासा को उसी LTTE ने निशाना बनाया था, जिसने भारत के पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या कराई थी। राणासिंघे प्रेमदासा एक रैली कर रहे थे, उसी समय उन पर हमला हुआ था।
