Indira Gandhi

राहुल गांधी की तकलीफ क्या है, आज समझा देता हूं, टीवी डिबेट में बोले पैनलिस्ट; कांग्रेस प्रवक्ता का ऐसा रहा र‍िएक्‍शन

संबित पात्रा के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री को लेकर बीजेपी के प्रवक्ता एक राष्ट्रीय चैनल पर गलत शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने माना- इंदिरा गांधी ने एक गलती की थी, जानिए क्या है

आपातकाल पर पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल गाँधी ने कहा कि मुझे लगता है कि वह एक गलती थी।

जब नेहरू की सिगरेट लेने इंदौर भेजा गया था विमान, जानें कैसे हुआ था पसंदीदा ब्रांड का इंतज़ाम

जब राजभवन के अधिकारियों को यह पता चला कि नेहरू जी की पसंदीदा सिगरेट एक्सप्रेस 555 वहां मौजूद नहीं है तो आनन् फानन में तुरंत एक विमान को सिगरेट लाने के लिए भोपाल से इंदौर भेजा गया।

देश में क्रिकेटर्स के नाम पर एक भी स्टेडियम नहीं, सबसे ज्यादा 9 क्रिकेट ग्राउंड जवाहरलाल नेहरू के नाम पर

इंदिरा गांधी के नाम पर तीन (गुवाहाटी, नई दिल्ली और विजयवाड़ा) और राजीव गांधी के नाम पर भी तीन (हैदराबाद, देहरादून और कोच्ची) स्टेडियम/एरीना हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम दो (नादौन और लखनऊ) हैं। सरदार पटेल के नाम पर दो स्टेडियम थे।

जब लालकिले से इंदिरा गांधी ने किया था आंदोलन का जिक्र, बोलीं- कितना भी रोको हिंसा हो ही जाती है, विकास वाले आंदोलन ही रोक देते हैं विकास

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लालकिले से दिए भाषण में कहा था कि कई बार विकास के लिए होने वाला आंदोलन ही विकास के मार्ग में बाधक हो जाता है और ज्यादातर आंदोलन हिंसक हो जाते हैं।

वसंत पंचमी पर राहुल-प्रियंका के जेब में ये चीज रख देती थीं इंदिरा, कांग्रेस नेत्री ने बताई पुराने किस्से की बात

उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मंगलवार को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।’’

राजकाज-कांग्रेस कथा-बेबाक बोल: विरोध और विरोधाभास

कभी सत्ता के खिलाफ बगावत का झंडा उठाने वाला बाद में सबसे पहले अपने खिलाफ उठी हर बागी आवाज को खत्म करना चाहता है। भारतीय राजनीति में बगावत से लेकर विरोधियों से अदावत की अब तक सबसे बड़ी मिसाल इंदिरा गांधी ही रही

बेबाक बोल-राजकाज-कांग्रेस कथा: सत्ता और संत

जयप्रकाश नारायण की अगुआई में जनता के प्रतिरोध की आंधी इंदिरा गांधी महसूस कर रही थीं। उस समय चंद्रशेखर ने उन्हें जेपी की ताकत की चेतावनी देते हुए उनके साथ सुलह-समझौते का रिश्ता बनाने की सलाह दी थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने चंद्रशेखर की सलाह न मान कर संत को ही साधने की ठान ली। लेकिन संत से टकराने के बाद इंदिरा गांधी की सत्ता का विनाश हुआ। इसी तरह अण्णा हजारे के आंदोलन की ताकत पहचानने की नसीहत को सोनिया गांधी ने परे रखा और कांग्रेस रसातल में चली गई। आज दिल्ली की सीमाओं पर किसान संतन की तरह धुनी रमाए हैं और चंद्रशेखर जैसी भूमिका सुप्रीम कोर्ट निभा चुका है। हम गांधी से लेकर जेपी और अण्णा तक की कथा को एक बार फिर से सुनेंगे तो पाएंगे कि आजादी के पहले से लेकर आज तक के भारत में बड़े सियासी परिवर्तन उन्हीं संत जैसे लोगों के कारण हुए जिन्हें सत्ता का मोह नहीं था। बेबाक बोल में संतन से भिड़ी सत्ता पर बात।

चंद्रशेखर जैसे इंदिरा भिजवा देतीं जेल, इसलिए तब नहीं बोले कांग्रेसी! BJP सांसद ने कहा- अब तो बोलिए…

स्वामी ने शुक्रवार को अपने ट्विटर अकाउंट से कांग्रेस के ऊपर हमला बोलते हुए कहा कि अगर आपातकाल के समय कांग्रेस के इंदिरा के खिलाफ कुछ बोलते तो इंदिरा उनको चंद्रशेखर की तरह जेल भिजवा देतीं। इसलिए कांग्रेसियों ने उस दौरान कुछ भी नहीं बोला।

बेबाक बोल- राजकाज- कांग्रेस कथाः एक समय की बात है

अब तक इंदिरा गांधी को निज के परिवार से मिली लोक की सत्ता पर अहंकार होने लगा था। उनका यह अहंकार टूटा 1972 में शिमला में हुए कांग्रेस कार्यसमित के चुनाव में।

37 साल पहले दिसंबर में ही 47 हजार 500 रुपए में लॉन्च हुई थी Maruti 800, जानें कैसे हुई थी शुरुआत और क्या थी इंदिरा गांधी की भूमिका

भारत की तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने इस दिन गुड़गांव में मारुति कारखाने का उद्घाटन किया, जो हर 800 वें मिनट में एक नई कार बनाने का दावा कर रही थी।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने इंदिरा गांधी की तारीफ में लिखा- बताकर लगाई थी इमरजेंसी; देखें यूजर्स करने लगे कैसे कमेंट

इस ट्वीट में पुण्य प्रसून बाजपेयी ने इंदिरा गांधी के बारे में लिखा कि उन्होंने जो भी किया वह डंके की चोट पर किया। इमरजेंसी बता कर लगाई, अमेरिका को आंख दिखाई..

कमलनाथ ने मानी थी जरनैल स‍िंह भ‍िंडरावाले को पैसे देने की बात- कि‍ताब में है दावा, संजय गांधी का था द‍िमाग

Kamal Nath Net Worth: दो साल पहले द‍िए गए चुनावी हलफनामे के मुताब‍िक कमलनाथ और उनकी पत्नी अलकानाथ की संपत्ति 124 करोड़ से ज्यादा है

इंदिरा गांधी में थोड़ी शर्म थी, मौजूदा हुकूमत में वो भी नहीं है- अटल सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी की राय

अरुण शौरी ने कहा कि मुझे लगता है कि मौजूदा सरकार में जो कुछ हो रहा है, वह बीते 40 सालों का प्रतिफल है। यह सोचने पर विवश कर रहा है कि संस्थान, जांच एजेंसियां और पुलिस सभी सीएम की निजी सेना बन गए हैं।

इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी पर लगा था ‘किस्सा कुर्सी का’ फिल्म के प्रिंट जलाने के आरोप, फिल्म ‘आंधी’ भी हुई थी बैन

Indira Gandhi during Emergency 1975: गुलजार की ‘आंधी’ और अमृत नाहटा की ‘किस्सा कुर्सी का’ जैसी फिल्मों को आपातकाल में बैन कर दिया गया था।

प्रियंका का फोटो शेयर कर बोले दिग्विजय- इनमें इंदिरा की झलक दिखती है, लोग करने लगे ट्रोल

एक अन्य यूजर ने लिखा कि “अब तो आप लोग झलक दिखला जा ही देखो।” एक अन्य यूजर ने लिखा कि “अगर इतनी झलक नजर आती है तो मध्य प्रदेश में एमएलए नहीं बिकने देते।”

इंदिरा गांधी की मौत की कहानी: बेअंत सिंह ने नज़दीक से मारीं 5 गोलियां, सतवंत ने बरसा दी थीं 25 गोलियां

एक सेकेंड की चुप्पी के बाद उसने फायर कर दिया। प्वॉइंट ब्लैंक रेंज से पांच शॉट्स आए (इंदिरा को करीब से पांच गोलियां मारी गई थीं)। बेअंत की ओर से लॉन में एक और युवा कॉन्स्टेबल सतवंत सिंह (एक अन्य सिख) भी आ गया था। मौके पर पहुंचते ही वह छोड़ा था घबराया, तभी बेअंत चिल्लाया- शूट!

इंदिरा गांधी ने माना था आज़ादी की लड़ाई में वीर सावरकर का योगदान अहम- बीजेपी सांसद ने चिट्ठी शेयर कर पूछा सवाल

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी पहले भी कई बार कह चुके हैं कि महात्मा गांधी से लेकर इंदिरा गांधी तक वीर सावरकर को स्वतंत्रता आंदोलन का अहम किरदार बताया था।

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