मोदी सरकार के मंत्री मनसुख मांडविया ने पर्यटन की दृष्टि से दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जहाजरानी, रसायन और उर्वरक मंत्री मांडविया का कहना है कि विदेशी पर्यटकों की अब यूपी के आगरा स्थित ताजमहल में रुचि कम हो गई है।

उन्होंने कहा कि पर्यटक अब आगरा ताजमहल देखने नहीं जाते हैं। मांडविया के अनुसार अब आगरा की बजाय दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर को देखना अधिक पसंद करते हैं। मनसुख मांडविया ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में भी पर्यटकों की बढ़ती रुचि का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि पर्यटक ताजमहल और सिदी सैयद मस्जिद के स्थान पर अक्षरधाम मंदिर या स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने को तरजीह देते हैं। मालूम हो कि गुजरात में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति लगाई गई है।

मंत्री ने कहा कि पहले जब लोग दिल्ली जाते थे तो वह ताजमहल देखने चले जाते थे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ने कभी अपनी क्षमताओं को नहीं पहचाना। अब जब पर्यटक भारत आते हैं तो वह पहले अक्षरधाम देखने जाते हैं। वह ताजमहल देखने नहीं जाते हैं।

मालूम हो कि सितंबर 2017 में जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे अपनी पत्नी के साथ अहमदाबाद आए थे तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सिदी सैयद मस्जिद भी गए थे। बता दें कि सिदी सैयद मस्जिद गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है। इस मस्जिद का निर्माण 1572-73 एडी में कराया गया था। यह गुजरात के प्रमुख मस्जिदों में से एक है। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की तुलना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से की।

मंडाविया ने कहा कि मोदी जी जो कहते हैं देश वही करता है। क्यों मोदी जी जब किसी विषय को उठाते हैं तो राष्ट्र उस दिशा में काम करता है? ऐसा इसलिए हैं क्योंकि वह राष्ट्र के लिए प्रतिबद्ध हैं।