AIADMK 18 MLAs Disqualification Case Verdict Judgement: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के 18 विधायकों को अयोग्य करार देने के मामले पर मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार (25 अक्टूबर) को अपना अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर के पूर्व के फैसले को कायम रखते हुए साफ किया कि एआईएडीएमके के 18 विधायक अयोग्य ही माने जाएंगे।

कोर्ट के फैसले के बाद दक्षिण की राजनीति में सक्रिय राजनीतिक संगठनों की त्वरित टिप्पणियां आईं। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के मुखिया एमके स्टालिन ने इस बारे में कहा, “लोकतंत्र की रक्षा किया जाना जरूरी है। हमारे यहां पर दो विधानसभा सीटें खाली थीं। मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद ये 18 सीटें भी खाली हो गईं। ऐसे में चुनाव आयोग (ईसी) को इन्हें भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।”   

वहीं, तमिलनाडु के सीएम ई.पलानीस्वामी ने 18 विधायकों को अयोग्य बताने के मामले में आए मद्रास हाईकोर्ट के ताजा फैसले पर कहा, “हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। अगर 18 सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान हो, तो अम्मा की सरकार उन सभी पर जीत हासिल करेगी।”

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Highlights

    13:50 (IST)25 Oct 2018
    18 सीटों पर हों उपचुनाव, तो जीतेगी अम्मा सरकारः ई पलानीस्वामी

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई.पलानीस्वामी ने 18 विधायकों को अयोग्य बताने के मामले में आए मद्रास हाईकोर्ट के ताजा फैसले पर कहा, "हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। अगर 18 सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान हो, तो अम्मा की सरकार उन सभी पर जीत हासिल करेगी, जबकि बाकी की चीजें चुनाव आयोग तय करेगा।"

    13:18 (IST)25 Oct 2018
    'HC का फैसला धर्म की जीत, गद्दारों के लिए यह तमाचे जैसा'

    मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर तमिलनाडु विस के डिप्टी स्पीकर पोल्लची वी जयरमण ने हाईकोर्ट के फैसले को धर्म की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह गद्दारों और धोखेबाजों के लिए तमाचे जैसा है। अगर अपील भी दाखिल की जाएगी, तो मुझे यकीन है कि सिर्फ सच की ही जीत होगी।

    12:56 (IST)25 Oct 2018
    फैसले पर क्या रही AIADMK की प्रतिक्रिया?

    ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। ट्वीट कर पार्टी की ओर से कहा गया कि यह गद्दारों के लिए सही सबक है, जिससे लोकतंत्र की जीत हुई है।

    12:25 (IST)25 Oct 2018
    HC के फैसले पर AIADMK समर्थकों ने यूं मनाया जश्न

    12:10 (IST)25 Oct 2018
    'यह हमारे लिए महज एक अनुभव'

    मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर टीटीवी दिनाकरण ने कहा है, "यह हमारे लिए नाकामयाबी नहीं है। यह महज एक अनुभव है। हम स्थिति का सामना करेंगे। आगे क्या होगा? यह 18 विधायकों के साथ बैठक में तय किया जाएगा।"  

    11:40 (IST)25 Oct 2018
    पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बताए गए थे अयोग्य

    याद दिला दें कि साल भर पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए इन सभी विधायकों पर गाज गिरी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तीसरे जज के तौर पर जस्टिस सत्यनारायण की नियुक्ति की थी। इससे पहले, 12 दिन तक सुनवाई के बाद जस्टिस सत्यनारायण ने 31 अगस्त को अपने आखिरी फैसले को सुरक्षित रख लिया था।

    10:41 (IST)25 Oct 2018
    किस वजह से 18 MLA पर गिरी थी गाज

    ये 18 विधायक ससिकला-दिनाकरण गुट का समर्थन कर रहे थे। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष पी.धनपाल ने इन्हें एंटी-डिफेक्शन लॉ के अंतर्गत अयोग्य घोषित कर दिया था। बाद में इन्होंने हाईकोर्ट में विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने के लेकर याचिका दाखिल की थी।

    10:00 (IST)25 Oct 2018
    तीसरे जज बनाए गए जस्टिस सत्यनारायण

    सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जस्टिस सत्यनारायण को दो जजों की बेंच पर तीसरा जज बनाया था। उनसे पहले जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एम सुंदर इस बेंच में थे। यह फैसला कोर्ट ने बीते दोनों जजों में अंतिम फैसले को लेकर आपसी असहमति पर उठाया था।

    09:40 (IST)25 Oct 2018
    क्या है पूरा मामला?

    याद दिला दें कि ये सारे 18 विधायक पिछले साल सितंबर में अयोग्य बताए गए थे। उस दौरान तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष धनपाल थे। अध्यक्ष की कार्रवाई के खिलाफ इन विधायकों ने उसी साल सितंबर में मामला दाखिल किया, जिसके बाद इसमें कई अहम मोड़ आए। फिलहाल आज सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले की तरफ हैं।