नॉर्थईस्ट के प्रमुख अखबारों में से एक ‘द शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक पैट्रिसिया मुखिम ने देशभर के मीडिया संस्थानों के संपादकों के समूह- ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ (EGI) से इस्तीफा दे दिया है। मुखिम का आरोप है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जो फैसला सुनाया, उस मामले पर संस्था ने उनका साथ नहीं दिया और पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। दरअसल, हाईकोर्ट ने मुखिम को फेसबुक पोस्ट के जरिए संप्रदायिक अशांति फैलाने का दोषी पाया था और उन पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार किया था।
मुखिम को नॉर्थईस्ट में कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय और वहां रहने वाले लोगों के अधिकार के लिए लड़ने वाले पत्रकार के तौर पर जाना जाता रहा है। उनका कहना है कि गिल्ड उनके मामले में बिल्कुल चुप रहा, जबकि रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्नब गोस्वामी, जो कि गिल्ड का हिस्सा तक नहीं हैं, उनकी गिरफ्तारी पर EGI ने बयान तक जारी कर दिया था। वह भी तब जब अर्नब की गिरफ्तारी पत्रकारिता से जुड़े मामले में नहीं हुई थी।
बता दें कि 10 नवंबर को मेघालय हाईकोर्ट की एक जज की बेंच ने पद्मश्री से सम्मानित की जा चुकीं पत्रकार मुखिम को सीआरपीसी की धारा 153 के तहत संप्रदायिक अशांति फैलाने का दोषी पाया था और उनपर एक संस्थान- लॉसोहतन दरबार श्नोन्ग द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया था।
सोशल मीडिया पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से इस्तीफे का ऐलान करते हुए मुखिम ने लिखा, “अब जब दिवाली खत्म हो गई है और चीजें दोबारा अपनी तरह से शुरू हो चुकी हैं। मैं गिल्ड और उसके सभी सदस्यों को बताना चाहती हूं कि मैं इसकी सदस्यता से इस्तीफा देने का मन बना चुकी हूं। इसलिए मेरा इस्तीफा आज ही स्वीकृत किया जाए। मैंने हाईकोर्ट का ऑर्डर गिल्ड के साथ साझा कर उम्मीद जताई थी कि वह इस आदेश की आलोचना में एक बयान जारी करेगा, पर संस्था ने इस पर बिल्कुल चुप्पी साध ली।”
टीआरपी स्कैम में दर्ज किए रिपब्लिक टीवी की COO का बयान: टीआरपी नंबरों से छेड़छाड़ के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को रिपब्लिक टीवी की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) प्रिया मुखर्जी का बयान दर्ज किया। उन्हें बुधवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके बाद रिपब्लिक के सीईओ विकास खनचंदानी भी जांच में शामिल होंगे।

