झारखंड के पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल में गुरुवार की सुबह हुई एक मुठभेड़ में दस नक्सली मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों में एक टॉप नक्सल कमांडर भी शामिल है। इस कमांडर पर 1 करोड़ का इनाम था।

पुलिस ने बताया कि पश्चिम सिंहभूम जिले में काफी देर तक सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी हुई। गोलीबारी की यह घटना सारंडा जंगल के कुमड़ी इलाके में किरीबुरु पुलिस थाना क्षेत्र में हुई।

पश्चिमी रेंज के डीआईजी बृजेश कुमार राय ने बताया कि सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि यह अभियान राउरकेला पुलिस ने जिला पुलिस और सीएपीएफ के साथ मिलकर चलाया। 

एक करोड़ के इनामी सहित 12 ने किया सरेंडर

पुलिस की यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ी कामयाबी है क्योंकि सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है।

ओडिशा की सीमा से लगे इस इलाके में नक्सली और माओवादी छिपे रहते हैं। घना जंगल होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियों के लिए यहां ऑपरेशन चलाना और नक्सलियों पर नजर रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

मार्च, 2026 नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य

मोदी सरकार ने लक्ष्य रखा है कि मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा। हाल ही में भारत में नक्सल हिंसा से प्रभावित जिलों की समीक्षा में पाया गया था कि नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 38 रह गई है। वहीं चिंताजनक जिलों की श्रेणी में केवल चार और सबसे अधिक प्रभावित जिलों की श्रेणी में महज तीन जिले ही रह गए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले महीने छत्तीसगढ़ के बस्तर आए थे। शाह ने कहा था कि बस्तर माओवादी-मुक्त होने की कगार पर है। उन्होंने कहा था, “जहां पहले गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, आज स्कूलों की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़कें बनाना कभी एक सपना था, आज रेलवे ट्रैक और हाईवे बनाए जा रहे हैं।”

‘जहां कभी लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां भारत माता की जय की गूंज’