दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बचपन से ही पढ़ाई में होशियार और तेजतर्रार थे। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक उनके बचपन के दोस्त डॉ. गगन बताते हैं कि केजरीवाल पढ़ाई में बहुत अच्छे थे और उन्हें शिक्षक बहुत पसंद करते थे।

केजरीवाल ने हिसार के एचएयू में स्थित कैंपस स्कूल से 9वीं और 10वीं की पढ़ाई की। 10वीं पास करने के बाद उन्होंने हिसार के डीएन कॉलेज में दाखिला लिया और वहां से अपनी 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की। गगन बताते हैं कि केजरीवाल कम बोलने वाले, लेकिन तेजतर्रार स्टूडेंट्स थे। वे स्कूल में नंबर दो के छात्र थे। आईएएस सुधीर राजपाल उस समय फर्स्ट थे। दोनों टीचर्स के पसंदीदा थे।

रिपोर्ट के मुताबिक उनके दोस्त ने बताया कि केजरीवाल की खासियत थी कि वे कभी कच्ची बात नहीं करते थे और बात की तह तक जाते थे। इसलिए स्कूल के अध्यापकों के भरोसेमंद थे। उन्होंने बताया कि एक बार स्कूल की फुटबॉल टीम का मैच था।

केजरीवाल भी टीम का हिस्सा थे। लेकिन जिस दिन मैच था उस दिन उन्हें तेज बुखार आ गया। लेकिन जिद्दी केजरीवाल नहीं माने और बुखार के बावजूद मैच खेलने स्कूल आ गए। कुछ देर खेलने के बाद अरविंद केजरीवाल की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उन्हें आराम दिया गया। गगन ने बताया कि हमारी टीम मैच भले नहीं जीत पाई, लेकिन केजरीवाल ने अपनी कोशिशों में कोई कमी नहीं रखी।

बता दें शिक्षक दिवस के मौके पर केजरीवाल सरकार शिक्षकों को सम्मानित करेगी। यह पुरस्कार कोरोना महामारी के दौरान शिक्षकों द्वारा किए गए बेहतरीन काम पर दिए जाएगें। इससे पहले यह अवार्ड केवल शैक्षिक प्रदर्शन के आधार पर दिए जाते थे।

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शनिवार को मीडिया से कहा कि कोरोना के दौरान शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कवारन्टीन सेंटर में ड्यूटी देने से लेकर स्कूलों में राशन बांटने, टीका लगवाने, इंफोर्समेंट सबमें शिक्षकों ने काम किया।