कश्मीर में आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद कश्मीरियों पर अत्याचार के मुद्दे पर भारत की दो जानी मानी पत्रकार ट्वीटर पर भिड़ गईं। इन्वेस्टिगेटिव पत्रकार राना अयूब के कश्मीरियों पर हो रहे अत्याचार के दावे को जानी-मानी लेखिका तवलीन सिंह ने नकार दिया। इसके साथ ही उन्होंने अयूब से सबूतों की मांग की। दरअसल कश्मीर से लौटी राना अयूब ने ट्वीटर पर अपने दौरे के अनुभव साझा किए।
उन्होंने लिखा कि ’12 साल के लड़के को आधी रात में पकड़ा गया और मारा गया। महिलाओं को रेप की धमकियां मिल रही हैं। बच्चों को इल्केट्रिक शॉक दिया जा रहा है। परिवारों को अपनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। क्या यही ‘सामान्य’ हालात हैं जिनके बारे में सब बात कर रहे हैं। यह घाटी में अब तक कि सबसे खराब स्थिति है।’
अयुब के इस ट्वीट पर तवलीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा ‘नब्बे के दशक में विद्रोह के सबसे बुरे क्षण में भी ऐसा नहीं हुआ। अगर आप उन बच्चों और महिलाओं से मिली हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है और रेप की धमकियां दी जा रही हैं तो आपको उनके नाम भी बताने चाहिए। यही नहीं आपको अपराधियों के भी नाम बताने चाहिए।’

तवलीन की इस मांग पर अयुब जवाब देती हैं ‘डियर तवलीन, मुझे यकीन है कि मैं फोटो और वीडियो के साथ अपनी एक रिपोर्ट जल्द पेश करूंगी जिसे आप जरूरत पढ़ेंगी। जल्द ही आपसे इस पर आगे बातचीत होगी।’
मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और राज्य में पाबंदियां लगाई गई है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए जा रहे हैं कि सेना कश्मीरियों को प्रताड़ित कर रही है। हालांकि सरकार और सेना की तरफ से इन सभी दावों को खारिज किया गया है। सेना के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से इस तरह का प्रोपगेंडा फैलाया जा रहा है।

