तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी नदी के जल को लेकर जारी विवाद के बीच अब चेन्नई में इंडियन प्रीमियर लीग के मैचों के आय़ोजन पर भी काले बादल मंडराने लगे हैं। कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड बनाए जाने की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से तमिलनाडु में किसान और विभिन्न राजनीतिक दल के नेता और कार्यकर्ता लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अब प्रदर्शनकारियों ने आईपीएल के आयोजकों को खुले धमकी दे दी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग का बहिष्कार करना चाहिए। अगर कावेरी मुद्दे पर चल रहे इस आंदोलन के बाद भी आईपीएल का आयोजन चेन्नई में किया गया तो वो इसका बहिष्कार करेंगे और इस दौरान अगर खिलाड़ियों को कुछ भी होता है तो उसकी जिम्मेदारी आईपीएल प्रशासन की होगी।

लेकिन इस बीच इंडियन प्रीमियर लीग प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि लीग के मैच अपने निर्धारित जगह पर ही होंगे। आईपीएल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा है कि चेन्नई में पहले से ही मैचों की तारीख और समय निर्धारित कर दी गई है और सभी मुकाबले तय समय पर ही होंगे। उन्होंने  यह भी कहा है कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखना चाहिए। आंदोलनकारियों की धमकी के मद्देनजर राजीव शुक्ला ने कहा कि यहां होने वाले खेलों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जाएंगे।

दरअसल प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कावेरी मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए चेन्नई में मैच का आयोजन कराया जा रहा है। प्रदर्शन कारियों का कहना है कि चेन्नई में लोग क्रिकेट को कार्निवल की तरह मानते हैं और इस वक्त राज्य में क्रिकेट से ज्यादा जरूरी किसान है।आपको बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन में रजनीकांत, और कमल हासन जैसे साउथ सुपर स्टार भी शामिल हो चुके हैं। रजनीकांत ने भी कहा है कि इस वक्त किसानों की पानी की समस्या को लेकर तमिलनाडु में आंदोलन चल रहा है ऐसे में चेन्नई में आईपीएल का आयोजन कराना ठीक नहीं है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों से अपील भी की है कि वो काली पट्टी लगाकर ही आईपीएल में खेलें।

आपको बता दें कि कावेरी जल विवाद में कर्नाटक का कहना है कि बारिश कम होने की वजह से कावेरी में जल स्तर घट गया है और इसीलिए वो तमिलनाडु को पानी नहीं दे सकता है। इसके खिलाफ तमिलनाडु ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तमिलनाडु का कहना है कि उसे हर हाल में पानी चाहिए, वरना उसके लाखों किसान बर्बाद हो जाएंगे।उच्चतम न्यायालय ने कावेरी नदी के जल के बंटवारे में तमिलनाडु के हिस्से का पानी घटा दिया और कर्नाटक का हिस्सा बढ़ा दिया था। इसके अलावा कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का अभी गठन नहीं हुआ। इन बातों को लेकर तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन जारी है।