Tamil Nadu Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को चेन्नई से 85 किलोमीटर चेंगलपट्टू में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। इसके लिए मदुरंथगम के एक मैदान में 45,000 से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। इसको लेकर सभी तरह की तैयारियां पूरी हो गई है। पीएम मोदी की इस रैली के जरिए विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए अपना शक्ति प्रदर्शन करने वाला है।
एनडीए को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में करीब 15 लाख लोग शामिल होंगे, जिनमें से अधिकांश उत्तरी तमिलनाडु से होंगे, साथ ही राज्य भर से पार्टी के पदाधिकारी भी आएंगे। इसको लेकर शुक्रवार को पूरे जीएसटी रोड कॉरिडोर पर प्रतिबंध लागू रहेगा, भारी वाहनों का आवागमन दिन भर के लिए बंद रहेगा और हल्के वाहनों को कई घंटों तक दूसरे मार्ग पर मोड़ा जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास तैयारी
पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की खास तैयारी की गई है। लगभग 3,500 पुलिसकर्मियों सहित सात स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। इसके अलावा ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रधानमंत्री के दोपहर 3:30 बजे के आसपास चेन्नई पहुंचने और हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल तक जाने की उम्मीद है।
बीजेपी कर रही गठबंधन को लेकर बातचीत
इस रैली का असली महत्व पर्दे के पीछे चल रहे राजनीतिक समीकरणों में निहित है। पिछले तीन दिनों में बीजेपी के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मोदी की यात्रा से पहले गठबंधन को मजबूत करने के लिए चेन्नई में लगातार वार्ता कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक सहयोगी मंच साझा करें, जिससे चुनाव से पहले एकता और गति का प्रदर्शन हो सके।
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मंच पर दिखेगा पूरा NDA
मोदी के साथ मंच पर अन्नाद्रमुक महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रान और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन भी शामिल हो सकते हैं। इस रैली में पीएमके नेता अंबुमणि रामदास; एएमएमके के टीटीवी दिनाकरन; तमिल मनीला कांग्रेस के जीके वासन; आईजेके के परिवेन्धर; पुधिया नीधि काची के एसी शनमुघम; थमिझागा मक्कल मुनेत्र कड़गम के जॉन पांडियन; और केसी तिरुमरन, जगन मूर्ति, एनआर धनपालन और चेल्लामुथु जैसे छोटे क्षेत्रीय नेता भी नजर आएंगे।
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गठबंधन में शामिल कई नेता अभी भी एनडीए से बाहर हैं, जिनमें डीएमडीके की प्रेमलता, पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम, पीएमके के वरिष्ठ नेता एस रामदास, पुथिया तमिलगम के कृष्णास्वामी और वीके शशिकला का नाम है। हालांकि उनसे बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल वे एक अधूरे गठबंधन की पहेली के अनसुलझे हिस्से बने हुए हैं और उनके गठबंधन में शामिल होने की कोई उम्मीद कम लग रही है।
इन मुद्दों पर BJP क फोकस
बीजेपी के भीतर रैली के लिए संदेश को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। नेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अभिनेता-राजनेता विजय या उनके उभरते राजनीतिक दल की आलोचना न करें और अपना पूरा ध्यान डीएमके पर केंद्रित करें। भाषण में कानून-व्यवस्था और मदुरै के तिरुप्पारनकुंड्रम में विवादित धार्मिक स्थल पर दीपक जलाने को लेकर हाल ही में उत्पन्न तनाव जैसे मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा होने की उम्मीद है।
रैली के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु NDA के साथ है। तमिलनाडु ने भ्रष्ट DMK सरकार को विदाई देने का फैसला कर लिया है। NDA का शासन रिकॉर्ड और क्षेत्रीय आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता राज्य की जनता के दिलों को छू रही है। कांग्रेस को 40 सीटें भी देने को तैयार नहीं है उसका सहयोगी दल, बड़ा फैसला ले सकते हैं राहुल गांधी?
