तमिलनाडु में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बार तमिलनाडु में दिलचस्प मुकाबला हो सकता है, क्योंकि अभिनेता विजय भी अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के साथ चुनावी मैदान में उतरने वाले हैं। हालांकि उससे पहले विजय की मुश्किल बढ़ने वाली है। 27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की जनसभा थी, जिसमें भगदड़ मच गई थी। इसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में 18 महिलाएं, 10 बच्चे और 13 पुरुष थे। इस मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) कर रही है।

CBI ने विजय को पूछताछ के लिए बुलाया

समाचार एजेंसी PTI को एक अधिकारी ने बताया कि CBI ने मंगलवार को TVK के नेता विजय को नोटिस जारी कर करूर भगदड़ मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। उन्होंने बताया कि CBI ने इस मामले में तमिलगा वेट्री कज़गम के कई पदाधिकारियों से पूछताछ की है।

अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने अब इस मामले में विजय को बुलाने का फैसला किया है, जिसके बाद वह इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने पर फैसला ले सकती है। CBI ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक SIT से यह मामला अपने हाथ में लिया था और जांच एजेंसी तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को विजय की राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ से जुड़े सबूत इकट्ठा कर रही है।

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क्या हुआ था?

भगदड़ के पीड़ित करूर, इरोड, डिंडीगुल, तिरुपुर और सेलम जिलों के थे। करूर-इरोड हाईवे के पास वेलुसामीपुरम में एक रैली के लिए भीड़ इकट्ठा हुई थी, जब विजय के भाषण के बाद एग्जिट गेट के पास अफरा-तफरी मच गई।

इससे पहले जस्टिस जे के माहेश्वरी और एन वी अंजानिया की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने भगदड़ की जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया था। बेंच ने कहा था कि यह मुद्दा नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा है और इस घटना ने राष्ट्रीय चेतना को झकझोर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इसके लिए निष्पक्ष और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। (पढ़ें कैसे हुआ था हादसा: TVK प्रमुख विजय की रैली में भगदड़)