supreme court on pmc plea: संकटग्रस्त पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (पीएमसी) के खाताधारकों एक बड़ा झटका लगा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई से इंकार करते हुए याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे राहत के लिए पहले हाई कोर्ट का रुख करें। इस मामले को लेकर बिजोन कुमार मिश्रा नाम के एक खाताधारक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में खाताधारकों ने पैसे की वापसी पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को निर्देश देने की मांग की थी।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा है। बीते महीने भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के प्रावधानों के तहत पीएमसी में लेन-देन पर प्रतिबंध लगाया था। याचिका पीएमसी बैंक में पड़ी खाताधारकों की जमाराशि की सुरक्षा के वास्ते तुरंत अंतरिम उपाय किए जाने के बारे में निर्देश देने को लेकर दायर की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक को यह निर्देश दिया जाना चाहिये कि राष्ट्रीयकृत बैंकों सहित विभिन्न सहकारी बैंकों में रखी खाताधारकों की खून पसीने की कमाई की पूरी तरह से सुरक्षा और बीमा होना चाहिये। इसके लिये बैंकों में जमा राशि की शत प्रतिशत सुरक्षा के लिये उचित उपाय और बीमा कवरेज सुनश्चित किया जाना चाहिए।

बता दें घोटाले के बाद आरबीआई ने खाताधारकों को मात्र 1 हजार रुपए निकालने की अनुमति दी थी। बाद में विरोध किए जाने पर इसे 25 हजार कर दिया गया और फिर इसे बढ़ाकर 40 हजार रुपए कर दिया गया। लेकिन बैंक ग्राहक अपने खातों से अपनी पूरी रकम निकालने की मांग कर रहे हैं।

इस बैंक घोटाले के चलते अबतक तीन मौतें हो चुकी हैं। जिसके चलते बीते दिन 100 से ज्यादा जमाकर्ताओं ने एस्पलेनेड कोर्ट के बाहर न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया था। कुछ दिन पहले एक संजय गुलाटी नाम के खाताधारक की सदमे से मौत हो गई थी।

इस बैंक में संजय के करीब 90 लाख रुपये जमा थे। संजय गुलाटी ने जेट एयरवेज के पतन के बाद इस साल की शुरुआत में अपनी नौकरी खो दी थी और अब उनकी जीवनभर की बचत पर लगे ग्रहण के सदमे को वह शायद बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई।