CJI Surya Kant Oath Ceremony News: जस्टिस सूर्यकांत को सोमवार सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, सीपी राधाकृष्णन, जगदीप धनखड़ और पूर्व सीजेआई बीआर गवई मौजूद रहे। लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नजर नहीं आए। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हमला बोला है।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, “आज, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भारत के नए मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में अनादरपूर्वक शामिल नहीं हुए। उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह से लेकर स्वतंत्रता दिवस समारोह तक, राहुल गांधी की बार-बार अनुपस्थिति, हमारी संवैधानिक प्रक्रिया के प्रति उनकी गहरी अवहेलना और डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर जी के संविधान के प्रति उनकी अरुचि को ही उजागर करती है। जिस कांग्रेस ने तानाशाही आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या की, वह लोकतांत्रिक परंपराओं में विश्वास नहीं रखती। कर्तव्य के प्रति ऐसी लापरवाही हमारी जनता को कतई खलेगी नहीं।”

सीजेआई सूर्यकांत के शपथ ग्रहण में क्यों नहीं पहुंचे राहुल- प्रदीप भंडारी

बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “भारत के नए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी क्यों अनुपस्थित रहे? विपक्ष के नेता के रूप में संसद में व्यवधान डालने और संवैधानिक पद के शपथ ग्रहण समारोह में अनुपस्थित रहने के अलावा विपक्ष के नेता ने और क्या सार्थक योगदान दिया है।”

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कौन हैं सीजेआई सूर्यकांत?

जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हरियाणआ के हिसार में हुआ था। रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से लॉ में बैचलर्स की डिग्री 1984 में लेने के बाद उन्होंने हिसार के जिला अदालत में कानून की प्रैक्टिस शुरू की थी। 1985 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए चंडीगढ़ आए। 7 जुलाई, 2000 को वे हरियाणा के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) नियुक्त होने वाले सबसे कम उम्र के वकील बने थे। मार्च, 2001 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) बनाया गया था। जस्टिस सूर्यकांत को संविधान, सेवा संबंधी मामले और सिविल मामलों में माहिर बताया जाता है। जस्टिस सूर्यकांत 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे। इससे पहले वो हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। वे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के भी जज रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…