शुक्रवार को महाराष्ट्र विधान सभा के मानसून सत्र में आक्रामक विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की, पोस्टर लहराए, विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठ कर धरना दिया और भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे मंत्रियों के इस्तीफे मांगे। जबाव में सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि आरोप लगने मात्र से इस्तीफा देना पड़ा तो आधे विपक्ष को इस्तीफा देना पड़ेगा।

शुक्रवार को विपक्ष ने फिर एकजुटता दिखाते हुए सरकार पर हल्ला बोला और भ्रष्टचार के आरोपों से घिरे भाजपा नेताओं के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने नारे लगाए-छुपाई संपत्ति खाई चिक्की, अबकी बार आपकी हार पक्की.. चिक्की मंत्री हाय हाय… डिग्री मंत्री हाय हाय… विपक्ष ने चिक्की घोटाले में आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए चिक्की के पैकेट लहराए जिन पर लिखा था कीमत 60 करोड़ रुपए।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता जयंत पाटील ने भाजपा के मंत्रियों के कथित घोटाले का मुद्दा उठाया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निशाने पर लिया। पाटील ने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्ट मंत्रियों को बिना जांच किए क्लीन चिट दे रहे हैं। इन मंत्रियों को इस्तीफे देने चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आरोप लगने मात्र से इस्तीफा देना पड़े तो आधे विपक्ष को इस्तीफा देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार है। दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप का दौर चला। हंगामा इतना बढ़ा कि विधानसभा और विधान परिषद का कामकाज दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा।

इससे पहले विपक्ष ने किसानों की कर्ज माफी और धनगर आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की थी। मगर शुक्रवार को उन्होंने भाजपा के मंत्रियों को निशाने पर लिया। विधान परिषद में भी विपक्ष ने चिक्की घोटाले में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की और कहा कि भ्रष्ट मंत्रियों को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। सभापति रामराजे निंबालकर को 20 मिनट के लिए कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। कामकाज फिर से शुरू हुआ मगर हंगामा नहीं रुका तो पूरे दिन के लिए कामकाज रोकना पड़ा। सोमवार को दोनों ही सदन बंद रहेंगे क्योंकि आषाढ़ी एकादशी है, लिहाजा मंगलवार से कामकाज शुरू होगा।

गुरुवार को भाजपा ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर रांकापा नेता छगन भुजबल को घेरने की कोशिश की। उन पर भ्रष्टाचार का नया आरोप लगाकर विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश की। भाजपा नेता अनिल गोटे ने पूर्व लोकनिर्माण मंत्री छगन भुजबल पर आरोप लगाया कि भुजबल ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त आर एस शर्मा को पुलिस आयुक्त बनाने के लिए छह करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी।

विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा विधायक अनिल गोटे ने कहा कि इन छह करोड़ रुपयों में से चार करोड़ रुपए स्टाम्प पेपर घोटाले के आरोपी अब्दुल करीम तेलगी ने भुजबल को दिए थे, जिसके सबूत उनके पास हैं। गोटे ने कहा कि वह बीते आठ सालों से इस बात का इंतजार कर रहे थे कि उन्हें तेलगीकांड में खुलासा करने का मौका मिले। दूसरी ओर राकांपा नेता जीतेंद्र आव्हाड ने गोटे के खुलासे पर कहा कि गोटे स्टाम्प पेपर घोटाले में तीन साल जेल में रहे हैं जिससे उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।