Farooq Abdullah News: उत्तर भारत के कुछ राज्यों में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं और व्यापारियों को बढ़ती कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जहां उनके साथ उत्पीड़न और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि कश्मीरियों को निशाना बनाने वाले लोग हिटलर के रास्ते पर चल रहे हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “जनाब ये हमारी किस्मत है कुछ लोग हैं जिनका मकसद ही कुछ और है। वो हिटलर की उन चीजों पर चल रहे हैं, चाहते हैं कि हिटलर का निजाम यहां पर शुरू हो। हिटलर गायब हो गया और उसने खुद अपने आप को गोली मार दी। वहां पर नाजीवाद खत्म हो गया। यहां पर भी वक्त आएगा जब ये कट्टरपंथी खत्म हो जाएंगे।”

अब पूरे मामले की बात की जाए तो हरियाणा के फतेहाबाद इलाके का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक कश्मीरी शॉल विक्रेता को कथित तौर पर ‘वंदे मातरम’ का जाप करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कैथल की पुलिस अधीक्षक उपासना ने पीटीआई को बताया कि “पुलिस ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। आगे की जांच जारी है।” हालांकि, इस मामले में राजनीति भी अपने चरम पर है।

ये भी पढ़ें: ‘आतंकवाद न खत्म हुआ और न कभी होगा’, पड़ोसी देश पर फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान

इल्तिजा मुफ्ती और सज्जाद लोन ने घटना की निंदा की

पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “एक और वीडियो में एक निर्दोष कश्मीरी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए अमानवीय व्यवहार, अपमान और पिटाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उसने वंदे मातरम का जाप करने से इनकार कर दिया। यह देखकर आश्चर्य होता है कि हरियाणा सीएमओ, हरियाणा पुलिस और डीजीपी हरियाणा इस तरह की बेखौफ घटनाओं को होने दे रहे हैं। आप हमें वंदे मातरम या जय श्री राम का जाप करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। इसे स्वीकार करें।”

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद गनी लोन ने कश्मीरी व्यापारियों पर हुए हमलों को नागरिकों के खिलाफ हेट क्राइम करार दिया। गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हुए लोन ने कहा, “ये घटनाएं आम नागरिकों, साथी भारतीयों के खिलाफ नफरत से प्रेरित अपराध हैं, जो सम्मानजनक जीवन यापन करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, वे देश के बाकी हिस्सों के साथ एकता के प्रतीक भी हैं।”

ये भी पढ़ें: संजय सिंह से मिलने के लिए श्रीनगर सर्किट हाउस पहुंचे थे फारूक अब्दुल्ला, अचानक पुलिस ने क्यों रोका?