Manish Sisodia: दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मनीष सिसोदिया ने ट्रायल की देरी की दलील देकर सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। सिसोदिया करीब 17 महीनों से जेल में बद हैं।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच के सामने मनीष सिसोदिया की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। वहीं, ईडी और सीबीआई की तरफ से एएसजी एसवी राजू ने दलीलें रखीं। सिंघवी ने राहत की अपील करके हुए सिसोदिया की तरफ से कहा कि मैं हिरासत में हूं और 17 महीनों से बंद हूं।
जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि पहले के आदेशों में आपके खिलाफ कुछ तथ्य थे, जिन्हें फाइल में हाइलाइट नहीं किया गया हैं। सिंघवी ने इस माफी मांगते हुए कहा कि वह उसे सही कर लेंगे। सिंघवी ने ईडी पर देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रायल शुरू भी नहीं हुआ है। पहले के आदेश में कहा गया है कि ऐसा नहीं होने पर जमानत के लिए याचिका दायर की जा सकती है। जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि आदेश को वैसा ही पढ़ें जैसा है।
सिंघवी ने कहा कि अक्तूबर में उन्होंने 25 हजार दस्तावेज जमा किए। 224 गवाह । यह केवल ईडी है। सीबीआई ने 294 गवाहों का हवाला दिया। कुछ ओवरलैप होंगे। कोई दिक्कत नहीं। 5031 पन्ने हैं। कोर्ट ने चौथे आरोपपत्र का संज्ञान नहीं लिया। मैंने कानूनी अधिकारी के तहत आवेदन दायर किए। दिखाइए की मैंने कैसे देरी की।
जस्टिस गवई ने पूछा कि आप दोनों केसों में जमानत मांग रहे हैं? सिंघवी ने इसका जवाब हां में कहते हुए कहा कि चूंकि दोनों केसों में गिरफ्तारी है। सीबीआई केस में भी ट्रायल में देरी का मुद्दा उठाते हुए सिंघवी ने कहा कि सिसोदिया के विदेश भागने का खतरा नहीं है। वह गवाहों या सबूतों को प्रभावित नहीं कर सकते।
सिसोदिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एएसजी राजू ने कहा कि उन्हें ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए। सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने (सिसोदिया) यह नहीं बताया है कि क्यों प्रॉफिट मार्जिन बढ़ा दिया गया।
एससजी एसवी राजू ने कहा कि वह निर्दोष व्यक्ति नहीं है, जिन्हें राजनीतिक कारणों से गिरफ्तार कर लिया गया, बल्कि घोटाले में कंठ तक डूबे हैं। सबूत उनकी सीधी संलिप्तता दिखाते हैं। वह 28 विभागों के साथ उपमुख्यमंत्री थे और इन सब चीजों के लिए जिम्मेदार हैं।
