भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बुधवार को जब विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर नोटबंदी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की। प्रदर्शन के कुछ घंटों के बाद ही राजनाथ सिंह ने उद्धव ठाकरे को कॉल किया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सिंह ने शिवसेना प्रमुख को केंद्र सरकार के उन कदमों के बारे में जानकारी दी, जिसके जरिए से बैंकों और एटीएम के बाहर खड़े लोगों पर दबाव कम करने का काम किया जा रहा है। यह पहली बार नहीं है कि शिवसेना अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा की सरकार के फैसलों की आलोचना की है। एटीएम और बैंकों के बाहर कैश के लिए खड़े लोगों को लेकर उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था कि वे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को लोगों द्वारा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के लिए भी चेताया था। ठाकरे ने कहा था, ‘अगर आपमें ताकत है तो स्विस बैंकों पर सर्जिकल स्ट्राइक कीजिए, जहां भारतीय पैसा छुपाया हुआ है। इस काले धन को वापस लाइए। लोगों के विश्वास को मत तोड़िए, वरना आपको लोगों द्वारा आपके खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का असर देखना होगा।’
बुधवार को शिवसेना के सांसदों ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर नोटबंदी के फैसले को लेकर किए गए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। विपक्षी पार्टियों ने दिल्ली में मार्च निकालते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी। संसद में भी विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर इस फैसले को लेकर निशाना साधा था।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने का ऐलान आठ नवंबर को किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इससे कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। इसके बाद विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर इस फैसले को लेकर निशाना साधा था। इसका विरोध करने वालों में कांग्रेस पार्टी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना, बसपा प्रमुख मायावती, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल शामिल हैं।

