Karakunnu Post Controversy: केरल की राजनीति में जमात-ए-इस्लामी के नेता के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अपने फेसबुक पोस्ट में शेख मुहम्मद कराकुन्नू ने कहा है कि पैगंबर मुहम्मद से प्रेम करने वाला कोई भी सच्चा आस्तिक इस्लामी गणराज्य को अस्वीकार नहीं कर सकता है। उनके इस बयान को लेकर सीपीएम ने कांग्रेस पार्टी को भी घेर लिया है।

दरअसल, सीपीएम ने जमात ए इस्लामी संगठन पर संगठन पर धर्मतांत्रिक राष्ट्र स्थापित करने की विचारधारा का समर्थन करने का आरोप लगाया गया था। ऐसे में अब जब कराकुन्नू ने इस्लामिक रिपब्लिक को लेकर बयान दिया तो सीपीएम नेताओं ने इसे उसके आरोपों की पुष्टि के तौर पर पेश कर दिया।

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कराकून्नू ने अपने पोस्ट में क्या लिखा था?

अपने फेसबुक पोस्ट में जमात-ए-इस्लामी के नेता कराकुन्नू ने एक पोस्ट का टाइटल लिखा, “क्या सच्चे मुसलमान इस्लामी गणराज्य को अस्वीकार कर देंगे?” इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “पैगंबर मुहम्मद इस्लामी गणराज्य के संस्थापक हैं। इसका मुख्यालय मदीना था। इसकी स्थापना बिना एक बूंद खून बहाए हुई थी। इसके नेता का देश की जनता ने स्वागत किया। उन्होंने उन्हें अपना शासक बनाया। उन्होंने अपने देश का नाम उनके नाम पर रखा – मदीना तुन्नबी। यह एक आदर्शवादी, मानवीय और बहुलवादी राज्य था।”

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जमात नेता ने लिखा, “इसकी मुस्लिम आबादी केवल 15 प्रतिशत थी। इतिहास में अद्वितीय इस गणराज्य के शासक उमर अल-फारूक के शासनकाल में मुस्लिम आबादी चार प्रतिशत से भी कम थी। इस्लामी गणराज्य की आलोचना करने वालों से विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि इसका अध्ययन किया जाए। कोई भी सच्चा मुस्लिम, जो पैगंबर मुहम्मद से थोड़ा सा भी प्रेम रखता है, इस बात से इनकार नहीं कर सकता।”

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सीपीएम ने बोला विपक्ष पर बड़ा हमला

कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने दावा किया था कि जमात-ए-इस्लामी ऐसा विचार नहीं रखती है। उन्होंने जमात नेता के बयान का बचाव किया था। दूसरी ओर सीपीएम ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्षी गठबंधन पर हमला बोला। सीपीएम के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने कहा कि कराकुन्नू के रुख में कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है।

सीपीएम नेता गोविंदन ने कहा कि सभी जानते हैं कि जमात-ए-इस्लामी केवल एक इस्लामी राष्ट्र ही नहीं, बल्कि एक इस्लामी विश्व की वकालत करता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस नेता वीडी सतीशन से सवाल किए जाने चाहिए, जो लगातार जमात का बचाव कर रहे हैं।

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