बीजेपी के वरिष्ठ नेता अविनाश राय खन्ना ने शनिवार को कहा कि अगर  नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के मुखिया फारूक अब्दुल्ला फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती कश्मीरियों के नेता होते, तो जनता अब तक सब कुछ फूंक चुकी होती। इसके साथ ही उन्होंने एनसी और पीडीपी नेतृत्व का नाम लिए बगैर यह भी कहा कि मुख्यधारा के नेताओं ने बीते 70 सालों में कश्मीर को सिर्फ लूटा है।

खन्ना ने अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की रिहाई के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ‘पिछले 70 वर्षों से कश्मीर को लूटा। अगर वे कश्मीरियों के असली नेता होते, तो लोग प्रतिक्रिया व्यक्त करते और सड़कों पर उतकर विरोध करते, लेकिन उनके प्रति सहानुभूति का एक भी शब्द नहीं है।’

जम्मू-कश्मीर बीजेपी के पार्टी प्रभारी खन्ना ने आगे कहा ‘सिर्फ एक परिवार के 10 सदस्य ही अगले दिन इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। लोगों को मालूम है कि इन लोगों ने कश्मीर को लूटा है।’

बीजेपी नेता का बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्य में आर्टिकल 370 को हटाने के बाद इन तमाम नेताओं को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत बीते चार अगस्त से नजरबंद रखा गया है।इसके साथ ही केंद्र ने हिंसा के मद्देनजर राज्य में कुछ प्रतिबंध भी लगाए हुए हैं। राज्य में अब भी कुछ जगहों पर संचार व्यवस्था बहाल है।

हालांकि बीजेपी नेता ने दावा किया है कि घाटी में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। शांति व सामान्य स्थिति की दिशा में बदलाव हुआ है। बीजेपी जम्मू कश्मीर के विकास का एक नया अध्याय लिखने जा रही है।

बता दें कि इससे पहले सांसद मीनाक्षी लेखी के 1 अक्टूबर को हैदराबाद में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में जनता कुछ राजनीतिक परिवारों के भ्रष्टाचार से गुस्सा है। इसलिए अगर कर्फ्यू में थोड़ी सी भी ढील दी गई तो लोग उनकी लिंचिंग कर देंगे।