रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दो दिवसीय दौरे के बाद भारत से मॉस्को के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार का पूरा दिन कूटनीतिक हलचल, राजकीय सम्मान और उच्च स्तरीय बैठकों से भरा रहा। गुरुवार रात पीएम आवास पर निजी डिनर से शुरुआत हुई इस यात्रा ने आज कई बड़े फैसलों और संकेतों के साथ भारत-रूस साझेदारी को नई दिशा दी है। सुबह राष्ट्रपति भवन में पुतिन को 21 तोपों की सलामी, तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी के साथ भव्य सेरेमोनियल वेलकम दिया गया। इसके बाद पुतिन ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और फिर सीधे हैदराबाद हाउस पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक शुरू की।
करीब दो घंटे चली इस बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, शिपिंग, कनेक्टिविटी, खाद-रसायन सहयोग और शांति प्रयासों पर गहन चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद भारत-रूस लगातार संपर्क में रहे हैं और भारत शांति के पक्ष में है। उन्होंने घोषणा की कि रूस के नागरिकों को जल्द ही 30 दिन का फ्री वीजा मिलेगा, जिससे लोग-से-लोग संबंध और मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने 2030 के लिए व्यापक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनाई है और शिप बिल्डिंग, यूरिया उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, फर्टिलाइजर सेक्टर तथा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध ‘ध्रुव तारे की तरह स्थिर और समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
क्या हुए मुख्य समझौते?
भारत और रूस के बीच कोऑपरेशन और माइग्रेशन, हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन, फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स, पोलर शिप्स और मैरीटाइम कोऑपरेशन और फर्टिलाइजर पर अहम समझौते हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा, “आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना हमारी साझी प्राथमिकता है। इसे साकार करने के लिए आज हमने 2030 तक के लिए एक इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश डाइवर्सिफाई, बैलेंस और सस्टेनेबल बनेगा।” उन्होंने कहा, “आज राष्ट्रपति पुतिन और मुझे इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मुझे विश्वास है कि ये मंच हमारे बिजनेस संबंधों को नई ताकत देगा। इससे एक्सपोर्ट, को-प्रोडक्शन और को-इनोवेशन के नए दरवाजे भी खुलेंगे।”
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दोनों देशों के रक्षा मंत्री भी करेंगे बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक के अलावा, दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के भी महत्वपूर्ण सैन्य हार्डवेयर पर बातचीत करने की उम्मीद है।
द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगी- बीजेपी सांसद
बीजेपी सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा भारत-रूस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए व्यापारिक समझौते होंगे और यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
राजघाट से शुरू होगी पुतिन की राजकीय यात्रा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी राजकीय यात्रा की शुरुआत राजघाट से करेंगे। राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद, वे 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए हैदराबाद हाउस जाएंगे।
रूसी राष्ट्रपति के दौरे से पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दो दिवसीय भारत दौरे पर आज शाम आगमन से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
भारत-रूस संबंध बहुत गहरे हैं- मनोज झा
राजद सांसद मनोज झा ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर कहा, “जिन्होंने इतिहास पढ़ा है और भू-राजनीति को समझा है, वे जानते हैं कि भारत-रूस संबंध कितने गहरे हैं। सोवियत संघ के समय से ही यह एक अनोखा रिश्ता रहा है। अब अगर कोई तीसरा देश इस रिश्ते में दखल देने की कोशिश करता है, तो इन चीजों को रोका जाना चाहिए।”
कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे- यूरी उशाकोव
पुतिन के शीर्ष सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि भारत यात्रा के दौरान एक संयुक्त बयान जारी होने की उम्मीद है और विभिन्न क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
रूस को पश्चिम द्वारा अलग-थलग नहीं किया जा सकता- सत्य कुमार पुनिया
राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा से पहले, रुस बायो फार्म के अध्यक्ष सत्य कुमार पुनिया ने कहा, “हाल के वर्षों में पुतिन ने केवल राजनीतिक रूप से करीबी देशों की यात्रा की है; यह यात्रा इस बात का संकेत है कि रूस को पश्चिम द्वारा अलग-थलग नहीं किया जा सकता।”
रूस हमारा पुराना दोस्त है- इमरान मसूद
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “रूस हमारा पुराना दोस्त है। रूस के साथ हमारे पुराने रिश्ते हैं। हमें इन रिश्तों को और गहरा करना चाहिए। हम हमेशा कहते हैं कि हमें उन दोस्तों से बात करते रहना चाहिए जो मुश्किल वक्त में हमारे साथ खड़े रहे। हम सबके नहीं हो सकते। जो सबके होते हैं, वो आखिरकार किसी के नहीं होते।”
भारत-रूसी मैत्री हर कसौटी पर खरी उतरी है- प्रमोद तिवारी
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर कहा, “भारत-रूस मैत्री हर कसौटी पर खरी उतरी है। 1971 में आदरणीय इंदिरा गांधी द्वारा हस्ताक्षरित भारत-सोवियत संधि की बदौलत नए बांग्लादेश का निर्माण हुआ और सोवियत संघ अच्छे-बुरे, दोनों समय में हमारे साथ खड़ा रहा। लेकिन हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका से कुछ ज्यादा ही लगाव हो गया है। राजनीति में आने से पहले ही, जब वे आरएसएस के स्वयंसेवक थे, तब भी वे अमेरिका जाते रहे थे। अब, उन्होंने (अमेरिका ने) 50% टैरिफ लगा दिया है और अब उन्होंने कहा है कि भारत को रूस से सस्ता तेल नहीं खरीदना चाहिए। मैं इसे अमेरिका का अनुचित हस्तक्षेप मानता हूं।”
