रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दो दिवसीय दौरे के बाद भारत से मॉस्को के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार का पूरा दिन कूटनीतिक हलचल, राजकीय सम्मान और उच्च स्तरीय बैठकों से भरा रहा। गुरुवार रात पीएम आवास पर निजी डिनर से शुरुआत हुई इस यात्रा ने आज कई बड़े फैसलों और संकेतों के साथ भारत-रूस साझेदारी को नई दिशा दी है। सुबह राष्ट्रपति भवन में पुतिन को 21 तोपों की सलामी, तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी के साथ भव्य सेरेमोनियल वेलकम दिया गया। इसके बाद पुतिन ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और फिर सीधे हैदराबाद हाउस पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक शुरू की।
करीब दो घंटे चली इस बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, शिपिंग, कनेक्टिविटी, खाद-रसायन सहयोग और शांति प्रयासों पर गहन चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद भारत-रूस लगातार संपर्क में रहे हैं और भारत शांति के पक्ष में है। उन्होंने घोषणा की कि रूस के नागरिकों को जल्द ही 30 दिन का फ्री वीजा मिलेगा, जिससे लोग-से-लोग संबंध और मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने 2030 के लिए व्यापक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनाई है और शिप बिल्डिंग, यूरिया उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, फर्टिलाइजर सेक्टर तथा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध ‘ध्रुव तारे की तरह स्थिर और समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
क्या हुए मुख्य समझौते?
भारत और रूस के बीच कोऑपरेशन और माइग्रेशन, हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन, फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स, पोलर शिप्स और मैरीटाइम कोऑपरेशन और फर्टिलाइजर पर अहम समझौते हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा, “आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना हमारी साझी प्राथमिकता है। इसे साकार करने के लिए आज हमने 2030 तक के लिए एक इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश डाइवर्सिफाई, बैलेंस और सस्टेनेबल बनेगा।” उन्होंने कहा, “आज राष्ट्रपति पुतिन और मुझे इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मुझे विश्वास है कि ये मंच हमारे बिजनेस संबंधों को नई ताकत देगा। इससे एक्सपोर्ट, को-प्रोडक्शन और को-इनोवेशन के नए दरवाजे भी खुलेंगे।”
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के तमाम बड़े अपडेट्स के लिए जुड़े रहिये जनसत्ता डॉट कॉम के साथ…
पुतिन के इंडिया आने का भी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, जो आज पूरा हो गया है- केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,” हम 23वें इंडिया-रशिया एनुअल समिट के लिए रशियन फेडरेशन के प्रेसिडेंट हिज़ एक्सेलेंसी व्लादिमीर पुतिन के इंडिया आने का भी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, जो आज पूरा हो गया है।”
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने की बैठक
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने 22वीं भारत-रूस अंतर-सरकारी सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग आयोग की मंत्रिस्तरीय बैठक के सह-अध्यक्ष के रूप में बैठक की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हम पिछले महीने मॉस्को में ट्रेड और इकोनॉमिक कोऑपरेशन पर इंडिया-रशिया वर्किंग ग्रुप की 26वीं मीटिंग के सफल आयोजन और रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए बातचीत शुरू होने का स्वागत करते हैं।”
पुतिन को रिसीव करेंगे विदेश मंत्री एस जयशंकर
रूस के राष्ट्रपति व्लादिंमीर पुतिन को दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर रिसीव करेंगे। जयशंकर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो चुके हैं।
सबके लिए हमारी सरकार में श्रद्धा और समान का भाव है- भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर कहा, “इससे ज्यादा हास्यास्पद कुछ नहीं हो सकता। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर वे लोगों के लिए काम करें… रूसी राष्ट्रपति भारत आ रहे हैं, ऐसे में नेता प्रतिपक्ष को उनका स्वागत करना चाहिए, इस समय भी ऐसी नकारात्मक सोच को लेकर सबके समक्ष नहीं आना चाहिए। सबके लिए हमारी सरकार में श्रद्धा और समान का भाव है… नेता प्रतिपक्ष जिस स्थान पर है उन्हें गरिमामय व्यवहार करना चाहिए…”
रूस-भारत के रिश्तों को लेकर बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “हमारे पीएम नरेंद्र मोदी ने रूस के साथ हमारे रिश्ते की आत्मा को तब पकड़ लिया था जब उन्होंने कहा था, ‘रूस शब्द सुनते ही हर भारतीय के दिमाग में सबसे पहला शब्द ‘भारत का सुख-दुख का साथी’ आता है।” इसका मतलब है अच्छे और बुरे समय में भारत का साथी और दोस्त।”
सरकार को जवाब देना चाहिए- शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर कहा कि विपक्ष के नेता को आने वाले गणमान्य व्यक्तियों से मिलने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता ने अपनी बात रख दी है और मुझे लगता है कि सरकार को जवाब देना चाहिए।”
रूस भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक बन जाएगा- विजय कलंत्री
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के चेयरमैन और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर्स एसोसिएशन के निदेशक विजय कलंत्री ने कहा, “पुतिन की यात्रा भारत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण है। हमारा व्यापार, जो पहले 15-16 अरब डॉलर का था, अब 65 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और कहा गया है कि अगले साल तक यह 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। रूस भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक बन जाएगा। हालांकि, आयात बहुत अधिक है, फिर भी व्यापार घाटा है। इसलिए, हम रूस में कुछ अवसरों की तलाश कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यही एक कारण है कि पुतिन की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है। क्या वह हमें अपने क्षेत्र में जगह देंगे?”
‘भारत का सुख-दुख का साथी’- पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के साथ हमारे संबंधों की आत्मा को तब पकड़ लिया जब उन्होंने कहा, ‘रूस शब्द सुनते ही हर भारतीय के मन में सबसे पहला शब्द आता है ‘भारत का सुख-दुख का साथी’।” इसका मतलब है, अच्छे और बुरे समय में भारत का साथी और मित्र।
हमारे प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति पुतिन के साथ अच्छे संबंध हैं- उमर अब्दुल्ला
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, “रूस के साथ हमारे मजबूत और गहरे रिश्ते हैं। मुश्किल समय में रूस हमेशा हमारे साथ खड़ा रहा है। रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा हमारे संबंधों को और मज़बूत करेगी। हमारे प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति पुतिन के साथ अच्छे संबंध हैं। यह बहुत अच्छा होगा अगर इस बैठक से यूक्रेन को भी रूस के साथ अपने रिश्ते बेहतर बनाने और शांति बनाए रखने में मदद मिले।”
आर्थिक संबंधों पर भी जोर दिया जाएगा- पूर्व राजनयिक राजीव भाटिया
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा पर पूर्व राजनयिक राजीव भाटिया ने कहा, “मैं इसे एक बेहद महत्वपूर्ण यात्रा मानता हूं क्योंकि यूक्रेन युद्ध, भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव और जी-20 से जुड़े घटनाक्रमों के बाद यह रूसी राष्ट्रपति की पहली यात्रा है। इस यात्रा में भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और आर्थिक संबंधों पर भी जोर दिया जाएगा।”
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वागत में फ्लेक्स बोर्ड
पालम एयर बेस के आसपास रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वागत में फ्लेक्स बोर्ड और रूसी राष्ट्रीय ध्वज लगाए गए हैं।
पीएम मोदी और पुतिन के बीच होने वाली बातचीत पर बारीकी से नजर रखी जाएगी- सुधीर कुमार
राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा पर टिप्पणी करते हुए, ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व सीईओ और एमडी सुधीर कुमार मिश्रा ने कहा कि यह यात्रा वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है और इस पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच होने वाली बातचीत पर बारीकी से नजर रखी जाएगी, क्योंकि इसके परिणाम का रणनीतिक महत्व बहुत ज़्यादा है।
रूस के विदेश मंत्री नहीं आ रहे भारत
रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत आ रहे हैं। लेकिन उनके साथ इस यात्रा में उनके विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव नहीं आ रहे हैं।
देश की मानसिकता के बारे में जानना हमारी परंपरा रही है- मनोज कुमार झा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर कि विपक्ष को आने वाले गणमान्य व्यक्तियों से मिलने की अनुमति नहीं है, आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “जिस तरह सरकार चुनी जाती है, उसी तरह विपक्ष भी चुना जाता है, और देश की मानसिकता के बारे में जानना हमारी परंपरा रही है, लेकिन किसी की असुरक्षा के कारण यह परंपरा समाप्त हो रही है…”
पीएम मोदी और पुतिन के बीच बैठक बहुत महत्वपूर्ण – रंजीत मेहता
रंजीत मेहता ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बैठक बहुत महत्वपूर्ण है। यह एक संतुलित और स्थिर वैश्विक व्यवस्था को भी आकार देती है। हमें लगता है कि भारतीय और रूसी उद्योगों के बीच कई सहयोग होंगे, खासकर प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में। दोनों प्रमुख नेताओं के बीच बैठक यह दर्शाती है कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र और राष्ट्रहित में है। हम भारतीय उद्योग, खासकर प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, ऊर्जा सुरक्षा और हाइड्रोकार्बन के लिए बड़े अवसर देखते हैं। हमें उम्मीद है कि ये दीर्घकालिक साझेदारियां होंगी।”
आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर एक मजबूत फोकस होगा – हर्षवर्धन श्रृंगला
राज्यसभा सांसद और कैरियर राजनयिक हर्षवर्धन श्रृंगला ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर कहा कि यह चार साल बाद एक महत्वपूर्ण यात्रा है, जिसमें राष्ट्रपति पुतिन सात प्रमुख मंत्रियों के साथ आ रहे हैं। आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर एक मजबूत फोकस होगा।
रूस हर मोड़ पर हमारे साथ खड़ा रहा है- शाहनवाज हुसैन
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, “हम रूस को सलाम करते हैं। रूस हर मोड़ पर हमारे साथ खड़ा रहा है और पुतिन पीएम मोदी के मित्र हैं; सभी ने देखा कि दोनों चीन में एक ही कार में एक साथ बैठे थे। भारत के मित्र और पीएम मोदी के मित्र, श्री पुतिन के स्वागत के लिए, दिल्ली आज पूरी तरह से सज-धज कर तैयार है।”
सरकार ने हमारे लोकतंत्र की परंपराओं को ताक पर रख दिया- कांग्रेस सांसद
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, “हमारी सरकार ने हमारे लोकतंत्र की परंपराओं को ताक पर रख दिया है। उन्हें लोकतंत्र या इसकी परंपराओं में कोई विश्वास नहीं है। लोकसभा में हमारे विपक्ष के नेता राहुल गांधी हैं और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने इस परंपरा को कमजोर कर दिया है और यह देश की प्रतिष्ठा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।”
रूस भारत का एक विश्वसनीय सहयोगी है- मणिकम टैगोर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, “रूस और भारत का रिश्ता एक साल पुराना नहीं है। पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले रूस और भारत के बीच संबंध मजबूत थे। रूस भारत का एक विश्वसनीय सहयोगी है और यह रिश्ता इंदिरा गांधी के समय से है। हमें उम्मीद है कि यह यात्रा भारत-रूस संबंधों के इतिहास में महत्वपूर्ण होगी।”
पूरी दुनिया की नजर दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की दोस्ती पर है- अभय कुमार सिंह
रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के संबंधों पर भारतीय मूल के रूसी विधायक अभय कुमार सिंह कहते हैं, “पूरी दुनिया की नजर दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की दोस्ती पर है। आज दुनिया बहुध्रुवीय है। जब सोवियत संघ का विघटन हुआ, तो दुनिया एकतरफा हो गई थी। इसके प्रभाव से इराक, लीबिया और यूगोस्लाविया जैसे देश दुनिया के सबसे गरीब देशों में शुमार हैं।”
दुनिया में लोकतंत्र की छवि धूमिल हुई है- प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “यह बहुत अजीब है। एक प्रोटोकॉल है और सभी आने वाले गणमान्य व्यक्ति नेता प्रतिपक्ष से मिलते हैं। सरकार द्वारा प्रोटोकॉल को उलट दिया जा रहा है और उनकी सभी नीतियां इसी पर आधारित हैं। वे नहीं चाहते कि कोई अपनी आवाज उठाए। वे किसी और की राय नहीं सुनना चाहते। उन्हें लोकतंत्र के प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। भगवान ही जाने कि वे किससे डरते हैं। लोकतंत्र में सभी को अपनी राय रखने का अधिकार होना चाहिए, चर्चा होनी चाहिए और उचित कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार असुरक्षित है और यह फैसला उसी का प्रतिबिंब है। इस प्रोटोकॉल को तोड़कर और उलटकर उन्हें क्या मिलेगा? यह उनकी असुरक्षा है। दुनिया में लोकतंत्र की छवि धूमिल हुई है।”
सरकार नहीं चाहती कि हम विदेशी गणमान्य लोगों से मिले- राहुल गांधी
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा पर, लोकसभा नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कहते हैं, “आम तौर पर परंपरा रही है कि जो भी भारत आता है, विपक्ष के नेता उससे मिलते हैं। वाजपेयी सरकार और मनमोहन सिंह सरकार में भी ऐसा होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। मैं जब भी विदेश जाता हूं, तो लोग सलाह देते हैं कि उन लोगों को विपक्ष के नेता से नहीं मिलना चाहिए। लोगों ने हमें बताया है कि हमें विपक्ष के नेता से न मिलने की सलाह दी गई है। विपक्ष के नेता एक दूसरा नजरिया पेश करते हैं, हम भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि हम विदेशी गणमान्य लोगों से मिलें। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय अब असुरक्षा की वजह से ऐसा नहीं करते।”
यह युद्ध का युग नहीं है- केपी फैबियन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने कहा, “यह पहली यात्रा है और स्वाभाविक रूप से, प्रधानमंत्री मोदी ने यह रुख अपनाया है कि यह युद्ध का युग नहीं है। वह राष्ट्रपति पुतिन को बताएंगे कि भारत इसे कैसे देखता है, क्योंकि भारत चाहता है कि यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो। मुझे नहीं लगता कि इससे राष्ट्रपति पुतिन के स्पष्ट रणनीतिक उद्देश्य में कोई बदलाव आएगा, जिसका उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से पुरज़ोर समर्थन प्राप्त है। दोनों देश (रूस और भारत) अपने द्विपक्षीय संबंधों को गहरा, मजबूत और व्यापक बनाकर काफ़ी लाभ उठाएंगे और प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन यही करने के लिए दृढ़ हैं।”
दोनों पक्ष अपने संबंधों को बहुत महत्व देते हैं- अरुण कुमार सिंह
अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत अरुण कुमार सिंह ने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन ऐसे समय में आ रहे हैं जब रूस यूक्रेन संघर्ष और अमेरिका-यूरोपीय प्रतिबंधों के कारण कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। भारत आने का उनका प्रयास इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष अपने संबंधों को बहुत महत्व देते हैं।”
रूस और भारत घनिष्ठ साझेदार बने हुए हैं- वेरा प्रोनकिना
व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर, एशियाई रूसी व्यापार परिषद की अध्यक्ष वेरा प्रोनकिना ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “यह यात्रा महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद रूस और भारत घनिष्ठ साझेदार बने हुए हैं। संदेश स्पष्ट है: रूस और भारत अपने हितों के आधार पर निर्णय लेते हैं, और बाहरी दबाव काम नहीं करता। यह यात्रा किसी के विरुद्ध नहीं है और यह सम्मान पर आधारित साझेदारी को दर्शाती है, न कि प्रतिबंधों या तीसरे देशों की मांगों पर।”
रूसी राष्ट्रपति की यात्रा भारत के लिए फायदेमंद- कमलजीत सहरावत
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, “रूसी राष्ट्रपति की दो दिवसीय भारत यात्रा देश के लिए बहुत फायदेमंद है, क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होगा और भारत के परिवर्तन के दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो विकासशील से विकसित की ओर बढ़ रहा है।”
राष्ट्रपति पुतिन की यह भारत यात्रा फलदायी होनी चाहिए- कांग्रेस सांसद
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा, “रूस हमारे सबसे पुराने सहयोगियों में से एक है। हमें अपने उन दोस्तों को साथ रखना होगा जो बुरे वक्त में हमारे साथ रहे हैं। पिछले 10 सालों में हम अपनी विदेश नीति को समझ नहीं पाए और हमने हाल ही में ट्रंप को भारत के बारे में, यहां तक कि हमारे ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी बात करते देखा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि रूस के साथ हमारे रिश्ते मजबूत रहें। राष्ट्रपति पुतिन की यह भारत यात्रा फलदायी होनी चाहिए।”
ये शिखर सम्मेलन रणनीतिक निर्णय लेते हैं- पूर्व भारतीय राजनयिक महेश सचदेव
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा पर पूर्व भारतीय राजनयिक महेश सचदेव ने कहा, “ये शिखर सम्मेलन रणनीतिक निर्णय लेते हैं और उच्चतम स्तर पर संबंधों के लिए एक नई दिशा निर्धारित करते हैं। केवल 2 दिन पहले, राष्ट्रपति पुतिन ने क्रेमलिन में राष्ट्रपति ट्रंप के दूत और उनके दामाद के साथ 5 घंटे लंबी बैठक की थी। इसलिए ये मुद्दे इस शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि में होंगे।”
भारत अपनी सुविधा और फायदा देखेगा- खड़गे
रूसी राष्ट्रपति के दौरे और तेल खरीद के मुद्दे पर खड़गे ने कहा, “भारत अपनी सुविधा और लाभ को देखेगा, किसी के दबाव में खरीदारी नहीं करेगा। हमें देशहित में सब कुछ करना होगा।”
भारत-रूस संबंध एक भरोसेमंद रिश्ता है- मणिकम टैगोर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, “रूसियों के साथ हमारे लंबे रिश्ते हैं। भारत-रूस संबंध एक भरोसेमंद रिश्ता है, जो पीएम मोदी या इस प्रतिष्ठान द्वारा नहीं बनाया गया है। यह लंबे समय से चला आ रहा है और जब भी हमने मुश्किल हालात का सामना किया है, रूस हमारे साथ खड़ा रहा है। अब, मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार के साथ, इस रिश्ते की चिंता और बढ़ गई है। हम इसकी सराहना करते हैं और मानते हैं कि भारत-रूस संबंधों को रणनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक रूप से मज़बूत किया जाना चाहिए।”
