मानहानि के मामले में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी मंगलवार (12 जून) को महारष्‍ट्र के भिवंडी स्थित एक कोर्ट में पेश हुए। उन्‍हें कथित तौर पर क‍िसी जांच-पड़ताल के बिना ही अदालत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई थी। याची और राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्‍य राजेश कुंते ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्‍होंने कहा, ‘राहुल गांधी और उनके लोगों के साथ विशेष व्‍यवहार किया गया। मैं शिकायती हूं इसके बावजूद बिना जांच के मुझे अदालत के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। लेकिन, आरोपी होने के बावजूद राहुल गांधी और उनके लोगों को बिना किसी जांच-पड़ताल के कोर्ट में प्रवेश करने की अनुमति दे दी गई। पुलिस का यह रवैया पक्षपाती है।’ राजेश कुंते ने राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा ठोका था, जिसपर अदालती प्रक्रिया शुरू हो गई है। भिवंडी कोर्ट में अब इस ममाले की अगली सुनवाई 10 अगस्‍त को होगी। राजेश कुंते का दावा है कि कांग्रेस अध्‍यक्ष ने 6 मार्च, 2014 की एक चुनावी रैली में कहा था कि महात्‍मा गांधी की हत्‍या के पीछे आरएसएस का हाथ है। राहुल गांधी ने बाद में अपने बयान से पीछे हटने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह मामला अदालत में पहुंच गया। कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि यह विचारधारा की लड़ाई है, जिसे वह जीत कर रहेंगे। बता दें कि कोर्ट ने 2 मई को राहुल को 12 जून को पेश होने का निर्देश दिया था।

इस मामले में अब राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत कांग्रेस अध्‍यक्ष के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट में पेश हुए राहुल ने इन आरोपों को स्‍वीकार नहीं किया और खुद को बेकसूर बताया। राहुल सुबह 11 बजे ठाणे में भिवंडी की एक अदालत में पेश हुए। उनके पेश होने के कारण सुरक्षा के मद्देजनर अदालत और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्‍यवस्‍था काफी बढ़ा दी गई थी। इस केस में पेशी के लिए राहुल गांधी महाराष्ट्र के दो दिवसीय दौरे पर 12 जून सुबह में ही मुंबई पहुंचे थे। उल्‍लेखनीय है कि अदालत ने वर्ष 2014 में आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंते द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में बयान दर्ज कराने के लिए राहुल को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। कुंते ने एक चुनावी रैली में राहुल गांधी का भाषण देखने के बाद मुकदमा दायर किया था। अपने भाषण में राहुल ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था।