प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति एवं कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ ब्रिटेन में रह रहे भगोड़े हथियार कारोबारी संजय भंडारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दायर किया है। आधिकारियों ने बताया कि सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायत यहां विशेष धनशोधन रोकथाम कानून (PMLA) अदालत में दायर की गई। अधिकारियों ने कहा कि मामले को संज्ञान संबंधी कार्यवाही के लिए छह दिसंबर को लिस्ट किया गया है। रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह दूसरी चार्जशीट है।

किस मामले में दायर की चार्जशीट?

जुलाई में ईडी ने हरियाणा के शिकोहपुर में एक ज़मीन सौदे में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट दायर किया था। ईडी संजय भंडारी से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा से पहले भी पूछताछ कर चुकी है। रॉबर्ट वाड्रा या उनकी कानूनी टीम की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। ईडी ने फरवरी 2017 में संजय भंडारी और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। यह मामला 2015 के कालाधन रोकथाम कानून के तहत उसके खिलाफ दाखिल आयकर विभाग के आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद दर्ज किया गया था।

ईडी ने 2023 में इस मामले में दायर दूसरे सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोप लगाया कि संजय भंडारी ने 2009 में लंदन में 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर क्षेत्र में एक मकान लिया और ‘रॉबर्ट वाड्रा के निर्देशों के अनुसार इसका नवीनीकरण कराया और नवीनीकरण के लिए धन रॉबर्ट वाड्रा द्वारा प्रदान किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि ईडी की जांच में पाया गया कि रॉबर्ट वाड्रा संजय भंडारी की मदद कर रहे थे और लंदन की संपत्ति का इस्तेमाल कर रहे थे, जो धनशोधन निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत अपराध से अर्जित इनकम है।

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रॉबर्ट वाड्रा ने क्या कहा?

रॉबर्ट वाड्रा ने इस बात से इनकार किया है कि उनके पास प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लंदन में किसी भी संपत्ति का मालिकाना हक है। उन्होंने इन आरोपों को अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा है कि राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में अन्य देशों से जुटाए गए कुछ साक्ष्यों के आधार पर रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ की, जिसका उन्होंने कथित तौर पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि संजय भंडारी द्वारा ली गई संपत्ति का रॉबर्ट वाड्रा ने अपने निजी उपयोग के लिए लाभकारी ढंग से इस्तेमाल किया और चूंकि यह पाया गया कि अपराध की आय रॉबर्ट वाड्रा के कब्जे में थी, इसलिए उनके खिलाफ पीएमएलए के तहत मुकदमा चलाने की मांग करते हुए चार्जशीट दायर किया गया।

बताया जाता है कि ईडी ने पाया कि रॉबर्ट वाड्रा ने लंदन स्थित संपत्ति को सुसज्जित कराया, जबकि इसे संजय भंडारी ने 19 लाख पौंड में खरीदा था। अधिकारियों ने बताया कि घर को रेनोवेट करने के लिए धन रॉबर्ट वाड्रा ने दिया था। वाड्रा संपत्ति के अंदरूनी हिस्सों के बारे में निर्णय लेते थे और घर में ठहरते भी थे, जबकि संपत्ति का मालिकाना हक संजय भंडारी से सी.सी. थम्पी और फिर श्री चेरु के पास बदलता रहा। उन्होंने कहा कि ईडी द्वारा इकट्ठा किए गए सबूतों से पता चला है कि रॉबर्ट वाड्रा ने इस संपत्ति का इस्तेमाल उस समय किया जब यह संपत्ति बेनामी थी।

संजय भंडारी के प्रत्यर्पण का आग्रह ब्रिटेन की अदालत ने खारिज कर दिया था। उसे जुलाई में दिल्ली की एक अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। वर्ष 2016 में दिल्ली में आयकर विभाग के छापे के बाद 63 वर्षीय संजय भंडारी लंदन भाग गया था।