कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में कैप्टन समीरा एकीकृत अभियान केंद्र के दल का नेतृत्व करेंगी। वे कहती हैं कि वे इस सम्मान को प्राप्त कर गर्व महसूस कर रही हैं। उनका कहना है, ‘मैं सेना में अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हूं। मेरे पिता, दावा (ब्रिगेडियर संपूरन सिंह) और परदादा, सभी ने सेना में सेवाएं दीं। और अब परेड का हिस्सा बनकर कर्तव्य पथ पर कदमताल करने का सम्मान बेहद खास है।’

कैप्टन समीरा ने बताया, ‘मेरे दादा ने 1965 की जंग लड़ी और उन्हें दो वीरता पुरस्कार मिले- एक महावीर चक्र और दूसरा वीर चक्र’। उन्होंने बताया कि एकीकृत अभियान केंद्र की झांकी अनूठी होती और दर्शकों को चौंकाएगी। इसी तरह कैप्टन अहान कुमार प्रतिष्ठित 61 कैवेलरी की टुकड़ी का नेतृत्व। वे अपने घोड़े ‘रणवीर’ पर सवार होंगे। वे एक युद्ध नायक के पौत्र एवं लेफ्टिनेंट जनरल भवनीष कुमार, जीओसी-दिल्ली एरिया के पुत्र हैं। वे परेड कमांडर होंगे। 2025 की परेड में भी वे अपने इसी घोड़े पर परेड का नेतृत्व कर चुके हैं।

लेफ्टिनेंट अमित चौधरी कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में मिश्रित स्काउट्स की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगे। यह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि होने के साथ-साथ उनके पिता की याद दिलाने वाला क्षण भी होगा, जो 1990 में परेड का हिस्सा थे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों और कठिन मौसम के लिए बनाए गए विशेष जूतों और धूप के चश्मों के साथ पारंपरिक वर्दी में वे और उनके साथी बारिश के बीच भी परेड के पूर्वाभ्यास में शामिल हुए।

अरुणाचल स्काउट्स के इस युवा अधिकारी ने उन दूसरे अधिकारियों के साथ मिलकर इंडिया गेट के पास सैन्य इकाई परिसर में मीडियाकर्मियों से अपने अनुभव साझा किए। ये सभी राजपथ पर परेड का हिस्सा थे। लेफ्टिनेंट चौधरी ने बताया, ‘मैं हमेशा से परेड का हिस्सा बनने का सपना देखता रहा हूं। बचपन में, मैं टीवी पर परेड देखता था और घर के कमरे में मार्च करता था। मेरे पिता 1990 में गणतंत्र दिवस परेड में थे, और वह गार्ड्स ब्रिगेड के दल का हिस्सा थे।’

इस बार सेना के 18 दस्ते एवं 13 बैंड परेड में हिस्सा ले रहे हैं। जांस्कर खच्चर, बैक्टियन ऊंट, शिकारी बाज और श्वान दस्ता भी परेड का हिस्सा होगा। कैप्टन हर्षिता यादव रीमाउंट वेटरीनरी कोर (आरवीसी) के दस्ते का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने कहा, ‘ये जानवर भी सैनिक हैं। दरअसल, ये मूक योद्धा हैं।’ उन्होंने कहा, ‘संचालन के लिए तैयार करना और इन जानवरों से संचालन की आवश्यकताओं को समझना महत्त्वपूर्ण पहलू हैं। वे भारतीय सेना को मजबूती देते हैं।’ कैप्टन राघव भोपाल से हैं। न्के पिता वायु सेना में थे। वे आरवीसी में महिलाओं के पहले दस्ते से हैं।

इसी तरह, कैप्टन विकास यादव सेना में अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी से हैं। वे 1गोरखा राइफल्स की चौथी बटालियन से हैं। वे सैन्य वाहनों और उपकरणों के दस्ते का नेतृत्व करेंगे। परेड में शामिल सेना के दस्तों को लेकर दिल्ली एरिया के चीफ आफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने बताया कि आपरेशन सिंदूर पर आधारित विशेष झांकी होगी। अभियान दलों में मिश्रित स्काउट्स के अलावा राजपूत, असम, जेके लाइट इंफैंट्री, तोपखाना और भैरव बटालियन परेड का हिस्सा होंगे। परेड में ब्रह्मोस, आकाश, धनुश, शक्तिबाण, दिव्यास्त्र, सूर्यास्त्र आदि को प्रदर्शित किया जाएगा।