Republic day 2026: Republic Day 2026: भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरु किया था। इसके जरिए यह स्पष्ट किया गया था, कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति रखता है। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झांकी को दर्शाया गया। इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम जिले की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों का संबंध लश्कर-ए-तैबा, जैश-ए-मुहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से बताया गया है।

Republic Day Parade LIVE

ऑपरेशन सिंदूर में क्या हुआ था?

सरकारी सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें आईसी-814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले से जुड़े प्रमुख आतंकी भी शामिल थे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह अभियान असममित युद्ध के बढ़ते खतरों के जवाब में योजनाबद्ध, सटीक और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें नियंत्रण रेखा या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार नहीं की गई।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन में स्वदेशी उच्च-तकनीकी रक्षा प्रणालियों का प्रभावी उपयोग किया गया। ड्रोन युद्ध, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और स्तरीय वायु रक्षा क्षमताओं में भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता इस अभियान के दौरान स्पष्ट रूप से सामने आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति करार देते हुए कहा कि यह अभियान “नया मानक और नया सामान्य” स्थापित करता है। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद और बातचीत, आतंकवाद और व्यापार तथा खून और पानी एक साथ नहीं चल सकते।

यह भी पढ़ें: आतंकवाद से समुद्री सुरक्षा तक: भारत-EU के बीच इन मुद्दों पर होगी डील

भारत ने पाकिस्तान को दिया था करारा जवाब

भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद 7 और 8 मई की रात पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय वायु रक्षा और एकीकृत यूएएस-रोधी प्रणालियों ने इन हमलों को विफल कर दिया।

इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 8 मई को पाकिस्तान में स्थित कई वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को निष्क्रिय कर दिया। 9 और 10 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिन्हें सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, इन हमलों में पाकिस्तान की वायुसेना के लगभग 20 प्रतिशत बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।

यह भी पढ़ें: सिमरन बाला बनीं 140 पुरुष जवानों वाली CRPF टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी

तकनीक का हुआ सटीक इस्तेमाल

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश मिसाइल प्रणाली, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, डी4 एंटी-ड्रोन सिस्टम, आकाशतीर एयर डिफेंस कंट्रोल सिस्टम और उन्नत सी4आई नेटवर्क जैसी स्वदेशी प्रणालियों की अहम भूमिका रही। सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक कदम भी उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि का निलंबन, अटारी-वाघा सीमा बंद करना, द्विपक्षीय व्यापार रोकना और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है।

भारी नुकसान के बाद 10 मई को पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच भूमि, समुद्र और वायु में सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनी। 77वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित झांकी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग किए गए प्रमुख हथियारों और प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया, जिसने संयुक्त सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमताओं को रेखांकित किया। बचपन का सपना, वर्दी का सम्मान: पहली बार महिला अधिकारी करेंगी RVC का नेतृत्व