बुधवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रायपुर में एक कार्यक्रम में कहा कि लोगों को जाति, धन या भाषा के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश सभी का है। संघ प्रमुख के इस बयान पर कांग्रेस नेता राशिद अलवी ने प्रतिक्रिया दी है।
गुरुवार को न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में राशिद अल्वी ने कहा कि मोहन भागवत और प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी दोनों अपनी-अपनी छवि बनाने में लगे हैं। दोनों को इस बात की परवाह ही है कि वो दोनों जो कुछ बोलते हैं, वो जमीन पर उतरता भी है कि नहीं है।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आगे कहा, “मोहन भागवत जी ये चाहते हैं तो वो बीजेपी के लोगों से क्यों नहीं कहते कि वो जबरदस्ती साउथ के लोगों पर हिंदी क्यों थोपना चाहते हैं… जिसकी वजह से बड़ा हंगामा खड़ा हो जाता है, वहां के लोग हिंदी से नफरत करने लगते हैं…”
उन्होंने आगे कहा, “मोहन भागवत जी के बयान से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्हें अपने कैडर को और बीजेपी के नेताओं को समझाना पडे़गा। मोहन भागवत जी समझते हैं कि वो बोल देते हैं और उसका कोई नतीजा निकल जाएगा, ऐसा हर ही नहीं निकलने वाला है।”
हिंदू सम्मेलन में क्या बोले मोहन भागवत?
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के सोनपैरी गांव में ‘हिंदू सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम अलगाव और भेदभाव की भावनाओं को दूर करना है। भागवत ने कहा कि देश सबका है और यही भावना सच्चा सामाजिक सद्भाव है।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हमें सिर्फ आध्यात्मिक सभाओं या चर्चाओं में कही गई बातों को सुनना नहीं चाहिए। हमें उन्हें अमल में लाना चाहिए। हमें पांच चीजें करने की जरूरत है..”
उन्होंने कहा, “..जिस इलाके में आप रहते हैं और घूमते हैं, वहां सभी हिंदुओं में आपके दोस्त होने चाहिए। हम सभी हिंदुओं को एक मानते हैं, लेकिन दुनिया हिंदुओं के बीच जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर अंतर देखती है। दुनिया जिनके बीच अंतर करती है, आपके उन सभी में दोस्त होने चाहिए। आज से ही शुरू करें। लोगों को जाति, धन, भाषा या क्षेत्र के आधार पर न आंकें। सभी को अपना मानें। सब अपने हैं सब भारतवासी मेरे अपने हैं, पूरा भारत मेरा अपना है।” (इनपुट – ANI / भाषा)
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