मोदी सरकार के बनने के बाद से संसद में कांग्रेस सांसद लगातार हंगामा कर रहे थे। प्रत्येक सत्र में कांग्रेस सांसदों के हंगामे के चलते काम नहीं हो पाया था। कई बार तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हंगामे का नेतृत्व किया था। इस मुद्दे पर भाजपा लगातार कांग्रेस पर जानबूझकर संसद का काम रोकने का आरोप लगा रही थी। हालांकि इस बार मानसून सत्र में कांग्रेस के हावभाव बदले-बदले से हैं। कांग्रेस सांसद चुप-चुप नजर आ रहे हैं।
भाजपा को दो दिन में दूसरा झटका! कीर्ति आजाद की पत्नी आप में होंगी शामिल
इस बार न राहुल गांधी और न ही कोई अन्य नेता आक्रामक नजर आ रहा है। कांग्रेस संसदीय कमिटी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी के कहने पर यह बदलाव आया है। उनके कहने पर ही कांग्रेस सांसद शांत नजर आ रहे हैं। प्रियंका नहीं चाहती कि पार्टी को लेकर कोई नकारात्मक बात हो। वह नहीं चाहती कि जीएसटी बिल के पास होने में रोड़ा बनने का ठीकरा कांग्रेस पर फूटे। उनकी ओर से पार्टी सांसदों को भेजे गए संदेश में कहा गया, ”पूरे देश को यह मैसेज जाना चाहिए कि कांग्रेस जीएसटी के साथ है। यह कांग्रेस का बिल है और कांग्रेस को इसका क्रेडिट लेना चाहिए।”
संसद में इन पांच सांसदों में रहेंगी नजरें, साबित हो सकते हैं मानसून सत्र के सितारे
बताया जा रहा है कि प्रियंका ने ही जीएसटी पर राहुल गांधी को भी मनाया है। हाल के दिनों में प्रियंका ने कांग्रेस से जुड़े मामलों में अपनी राय देना शुरू किया है। यूपी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए शीला दीक्षित को भी उन्होंने ही मनाया था। जबकि इससे पहले शीला दो बार मना कर चुकी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को लताड़ा, दी चेतावनी- खेद जताइए या केस का सामना कीजिए
