केंद्रीय मंत्रियों की एक टीम शनिवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंची। आने वाले सप्ताह में कई अन्य मंत्री भी राज्य के दौरे पर जाएंगे। मंत्रियों के पहले बैच के दौरे से एक दिन पहले शुक्रवार को पीएम मोदी ने इन मंत्रियों को आगाह किया कि जो भी केंद्रशासित प्रदेश का दौरा करने जा रहे हैं, उन्हें राजनीति संदेश देने से बचना चाहिए और वहां के लोगों से जुड़ने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह जानकारी सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को दी।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे जम्मू या श्रीनगर लौटने की जगह गांव में ही रात गुजारें। शुक्रवार की बैठक उस सीरीज का हिस्सा थी जो मोदी मंत्रियों और शीर्ष नौकरशाहों के साथ सरकार के लिए पांच साल के विजन को पूरा करने के लिए कर रहे हैं। सचिवों के दस समूहों ने आगे के क्रियाकलापों पर प्रजंटेशन दिया।
सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने नौकरशाहों से कहा कि अगर सरकार में सभी फाइलें उसी गति से आगे बढ़ती है जैसे कि विदेशी यात्राओं से संबंधित फाइलें, तो सरकार “अच्छी जगह पर” होगी। उन्होंने देश में प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के बीच स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को शामिल करने का सुझाव दिया और व्यापार करने में आसानी के मापदंडों में से एक ‘सुरक्षा’ पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।
बैठक में शामिल सूत्रों ने बताया, “पीएम ने विशेष रूप से मंत्रियों को बताया कि वे जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे और इस यात्रा को कोई राजनीतिक रंग नहीं देना है। यात्रा का मकसद राजनीति नहीं बल्कि लोगों, युवाओं, शिक्षकों, सरकारी अधिकारियों से जुड़ने और उनका दिल जीतने की कोशिश करने वाला होना चाहिए। उन्होंने दिल और दिमाग जीतने पर जोर दिया ताकि सरकार बर्बाद हुए समय की भरपाई के लिए काम कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रियों को जम्मू या श्रीनगर लौटने की जगह गांवों में रात बीतानी चाहिए।” जितेंद्र सिंह, अश्वनी चौबे और अर्जुन मेघवाल सहित मंत्रियों का पहला समूह शनिवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचा। अनुच्छेद 370 बटाए जाने के बाद एक नई पहल के तौर पर 36 केंद्रीय मंत्री अगले कुछ सप्ताह में केंद्रशासित प्रदेश का दौरा करेंगे।
इस बीच, व्यापार करने में आसानी का जिक्र करते हुए, प्रधान मंत्री ने नौकरशाहों को ‘फास्ट क्लियरेंट’ के महत्व को याद दिलाया। सूत्रों ने बताया, “उन्होंने नौकरशाहों से कहा कि यदि सभी फाइलों को विदेशी दौरे की फाइलें की गति की तरह आगे बढ़ाया जाता है तो सरकार अच्छी जगह पर होगी। आम तौर पर विदेशी दौरे की फाइलों पर एक दिन में पांच से छह जगहों पर हस्ताक्षर हो जाते हैं।”

