Asaduddin Owaisi News: महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि जहां पाकिस्तान का संविधान प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पदों को एक विशेष धर्म के अनुयायियों तक सीमित रखता है, वहीं भारत का संविधान किसी भी नागरिक को ऐसे पदों पर आसीन होने की अनुमति देता है। उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने।

असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा में कहा, “पाकिस्तान के संविधान में लिखा हुआ है कि सिर्फ एक ही मजहब का आदमी पाकिस्तान का प्रधानमंत्री या सदर बन सकता है। बाबा साहब आंबेडकर का जो संविधान है, वो यह कह सकता है कि भारत का नागरिक वजीर-ए-आजम बन सकता है, मुख्यमंत्री बन सकता है और मेयर बन सकता है।”

हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की पीएम बनेगी- ओवैसी

ओवैसी ने आगे कहा, “असदुद्दीन ओवैसी का ख्वाब ये है कि एक दिन आएगा इस देश में, शायद आप और हम नहीं रहेंगे, मगर देखना कि एक हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की वजीर-ए-आजम बनेगी। हम शायद नहीं रहेंगे। ये नफरत कुछ ज्यादा नहीं चलने वाली है। नफरत फैलाने वाले खत्म हो जाओगे।”

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नितेश राणे ने दी प्रतिक्रिया

ओवैसी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मंत्री नीतीश राणे ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी हमारे हिंदू राष्ट्र में इस तरह के बयान देने की हिम्मत नहीं कर सकते। यह हमारा हिंदू राष्ट्र है, जहां 90% आबादी हिंदू है। हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं न तो प्रधानमंत्री बनेंगी और न ही मुंबई की मेयर।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग ऐसे पदों पर आसीन होना चाहते हैं, उन्हें कराची जैसे अपने इस्लामी देशों में चले जाना चाहिए। यहां उनके लिए कोई जगह नहीं है। हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं मुंबई में प्रधानमंत्री या महापौर नहीं बन सकतीं।”

असदुद्दीन ओवैसी ने क्या गलत कहा- वारिस पठान

नीतीश राणे के बयान पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, “भारत का संविधान इस देश को शासित करता है और इसके अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री, राज्यपाल या महापौर बन सकता है।” उन्होंने (असदुद्दीन ओवैसी ने) क्या गलत कहा? उन्होंने कहा कि हमारी यही इच्छा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बने। जो मुझे धमकी दे रहा है, वह मुझे बताए कि मुझे कहां आना चाहिए? हम उनकी धमकियों से नहीं डरते।

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