कपूरथला। भारतीय थलसेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने शनिवार को कहा कि 2016 का र्सिजकल स्ट्राइक नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तान के किसी तरह के दुस्साहस को रोकने के लिए एक कामयाब रणनीतिक अभियान था। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की जब 2016 के र्सिजकल स्ट्राइक से करीबी तौर पर जुड़े रहे लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) डी एस हुड्डा ने शुक्रवार की रात बयान दिया कि इसकी कामयाबी पर शुरुआती उत्साह स्वाभाविक था, लेकिन र्सिजकल स्ट्राइक का लगातार प्रचार करना सही नहीं था।

चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) हुड्डा ने कहा था कि यदि हमने इसे गोपनीय रखा होता तो अच्छा होता। उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना के जवानों ने एलओसी के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों के खिलाफ र्सिजकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।

सिंह ने सैनिक स्कूल में एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, “सैन्य नजरिए से देखें तो यह सफल रणनीतिक अभियान था, जिससे बहुत रणनीतिक संदेश गया और भारतीय थलसेना पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देने में सफल रही कि यदि उसने एलओसी के पास दुस्साहस भरे कदम उठाने बंद नहीं किए तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।”

तत्कालीन महानिदेशक सैन्य अभियान (डीजीएमओ) सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर र्सिजकल स्ट्राइक की जानकारी दी थी। बहरहाल, सिंह ने शनिवार को र्सिजकल स्ट्राइक के राजनीतिकरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सिंह ने कहा कि एलओसी के पास थलसेना की ओर से अंजाम दी गई सभी कार्रवाई काफी पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई ताकि राष्ट्रीय आकांक्षाएं पूरी की जा सके और सैन्य उद्देश्य पूरे हो सकें।

उन्होंने कहा कि सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ पर लगाम लगाने के और भी विकल्प हैं। सिंह ने कहा कि र्सिजकल स्ट्राइक तो सिर्फ एक विकल्प है जिससे हम घुसपैठ रोकते हैं। सशस्त्र बलों के पास कई विकल्प हैं और उनका अक्सर विश्लेषण किया जाता है और सर्वश्रेष्ठ कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया जाता है।

पंजाब में फिर से आतंकवाद को हवा देने की संभावित कोशिशों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ‘आतंकवाद के क्षेत्र’ को कश्मीर से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और सेना इस फैलाव को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में थलसेना किसी भी जिम्मेदारी को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है और यही कारण है कि राज्य में पूरी स्थिरता है। यदि कोई अनहोनी होती है तो सशस्त्र बल तेजी से कदम उठाकर अमन-चैन कायम करते हैं।