निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के दोषियों में से एक अक्षय की पुनर्विचार याचिका का विरोध करते हुए पीड़िता की मां ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दिया। दिसंबर, 2012 के इस सनसनीखेज अपराध के चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है। इनमें से तीन मुजरिमों की पुनर्विचार याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। अक्षय के अलावा तीन अन्य दोषियों के पास अभी भी शीर्ष अदालत में अपनी दोषसिद्धि और मृत्युदंड के फैसले में सुधारात्मक याचिका दायर करने का विकल्प है।
शीर्ष अदालत के 2017 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए चौथे मुजरिम अक्षय कुमार की याचिका पर 17 दिसंबर को तीन न्यायाधीशों का पीठ सुनवाई करेगा। पीड़िता की मां के वकील ने प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाले पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और कहा कि वे दोषी की पुनर्विचार याचिका का विरोध कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि पीड़िता की मां के वकील की बात भी 17 दिसंबर को उसी वक्त सुनी जाएगी जब दोषी की पुनर्विचार याचिका सुनवाई के लिए आएगी। शीर्ष अदालत ने पिछले साल नौ जुलाई को इस मामले के तीन अन्य दोषियों 30 वर्षीय मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि वह निर्भया मामले के चारों दोषियों की फांसी की सजा पर अमल करने के लिए जरूरी वारंट जारी करने की मांग की याचिका पर 18 दिसंबर को सुनवाई करेगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने यह देखते हुए कि दोषियों में से एक की पुनर्विचार याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई करना है, इस मामले की सुनवाई 18 दिसंबर को तय की।
जज ने कहा- जब तक पुनर्विचार याचिका लंबित है तब तक हमें इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा- मेरा विचार है कि जब पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है तो हमें उस फैसले का इंतजार करना चाहिए। चूंकि उसकी (दोषी अक्षय कुमार) याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर को सुनवाई होनी है, इसलिए इस मामले को 18 दिसंबर तक के लिए स्थगित करते हैं।
अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा पर अमल करने वाला वारंट जारी करने की मांग करते हुए कहा कि अदालत मौत की सजा पर अमल करने वाला वारंट जारी कर सकती है। अदालत को ‘डेथ वारंट’ जारी करने से कौन रोक सकता है। सुनवाई के दौरान निर्भया के माता-पिता ने अदालत को बताया कि दोषी जानबूझकर सजा टालने की कोशिश कर रहा है।
इसके बाद बंद कमरे में हो रही सुनवाई में दोषियों -अक्षय, मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अदालत में पेश किया गया और जज ने दोषियों की पहचान की पुष्टि की। अदालत के सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को दोषी मुकेश का कोई प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा था और जज ने उसे बताया कि उसके वकील की अनुपस्थिति में अदालत उसके लिए वकील नियुक्त करेगी। अदालत ने दोषी को अगली सुनवाई की तारीख बताई और सुनवाई को स्थगित कर दिया।
बताते चलें कि दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात छह लोगों ने चलती बस में 23 वर्षीय मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क किनारे फेंक दिया था। पीड़िता की बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।
