Bangladeshi Infiltration: दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की देश में घुसपैठ कराने में शामिल एक गिरोह की जांच शुरू करने के कई महीनों बाद अब ये जांच केंद्रीय जांच एजेंसी यानी NIA को सौंप दी है। एजेंसी को जांच से संबंधित सभी दस्तावेज भी दे दए गए हैं, जिससे घुसपैठ के नेटवर्क की विस्तृत जांच हो सके।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने पिछले साल अप्रैल में आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था, जिसे “मुख्य साजिश” कहा जाता है। अब तक स्पेशल सेल ने एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो कथित तौर पर प्रवासियों को सीमा पार कराने में मदद करने और उन्हें फर्जी आधार और मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध कराने में शामिल थे।
सीमावर्ती राज्यों में चल रहे नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस को पता चला है कि भारत के सीमावर्ती राज्यों से कई नेटवर्क चैनल संचालित हो रहे थे। इसके बाद मुख्य साजिश की एफआईआर में जालसाजी और विदेशी अधिनियम से संबंधित धाराएं जोड़ी गईं।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अन्य राज्यों में अपने समकक्षों को पत्र लिखकर सुराग साझा किए, जिससे उन राज्यों की पुलिस को भी कई लोगों को गिरफ्तार करने में मदद मिली।
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जानकारी के मुताबिक, अब एनआईए ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए मामले को अपने हाथ में ले लिया है, और यह भी कहा कि एनआईए इस मामले में एक नई एफआईआर दर्ज कर सकती है।
पिछले साल दिल्ली पुलिस ने चलाया था अभियान
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों पर दिल्ली पुलिस ने पिछले वर्ष राजधानी में विधानसभा चुनावों से पहले अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया था।
यह अभियान जनवरी से अप्रैल तक चला, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह अभी भी जारी है। अधिकारियों ने एफआरआरओ (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) की मदद से अवैध प्रवासियों को निर्वासित करना सुनिश्चित किया।
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