न्यूज 24 पर डिबेट के दौरान एंकर संदीप चौधरी ने RSS के देशरतन निगम से पूछा कि क्या भारत चुनावी लोकतंत्र की जगह चुनावी एकतंत्र बनता जा रहा है ? इस रिपोर्ट को कचरे में फेंक देना चाहिए या इससे कुछ गंभीर सवाल उठते हैं? इस पर देशरतन निगम ने कहा कि ये रिपोर्ट कचरे में फेंक देने लायक ही है। न जाने कहां से ऐसे इंस्टीट्यूट आ जाते हैं और ऐसी रिपोर्ट छाप देते हैं। लोकतंत्र में बैठकर इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं इससे बड़ी क्या बात हो सकती है। इनकी बात को इतनी गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। भारत में कानून का शासन है। जो लोग एनजीओ के नाम पर धर्मांतरण कराएंगे उन पर कार्रवाई तो सरकार करेगी ही। विरोध करने वाले खुद के अपराधों को छिपाने के लिए विरोध का राग अलापते हैं।
इस पर एंकर ने बीच में टोका और कहा कि सरकार देशद्रोह के कानून का दुरुपयोग कर रही है। 7 हजार ऐसे लोगों को जेल में डाल दिया गया है जो कि सरकार की आलोचना कर रहे थे। सरकार की आलोचना करना तो लोकतंत्र को मजबूत करता है। इस पर पैनलिस्ट ने कहा कि कुछ लोग विरोध के पीछे अपने अपराधों को छिपाना चाहते हैं। डिबेट में एंकर और पैनलिस्ट दिशा रवि के मामले को लेकर उलझ पड़े। एंकर ने कहा कि कोर्ट ने दिशा रवि को जमानत दी। इस पर पैनलिस्ट ने कहा कि दिशा रवि निर्दोष साबित नहीं हुई हैं। जमानत से जांच या अदालत के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ता है।
राहुल गांधी ने क्यों कहा- भारत में लोकतंत्र नहीं हैं
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— News24 (@news24tvchannel) March 11, 2021
डिबेट में एंकर ने पूछा कि छात्र आंदोलन करते हैं तो उनको टुकड़े-टुकड़े गैंग कह दिया जाता है। वहीं एबीवीपी के लोग जेएनयू में दंगा करते हैं तो उनको कुछ नहीं कहा जाता है।
एंकर ने कहा कि विरोध करने वालों को शहरी नक्सली, पाकिस्तानी, खालिस्तानी, आतंकी न जाने क्या क्या कह दिया जाता है।
इसके बाद डिबेट में पैनलिस्ट टूलकिट की बात करने लगे तो एंकर ने टोका कि टूलकिट में कहीं हिंसा का जिक्र था? इस पर पैनलिस्ट ने कहा कि आपको नहीं मालूम। एंकर ने पलटकर कहा कि मैंने पूरा पढ़ा है आपको कैसे पता कि मुझे नहीं मालूम।

