देश के कई राज्यों में कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन के बीच पत्रकार रवीश कुमार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को रोकने के लिए हाईवे तक खोद डाले। ऐसा अगर किसान करते तो उन्हें आतंकवादी बता देते। सार्वजनिक संपत्ति का हर्जाना वसूलने के लिए केस होता, मगर यहां खुद सरकार सड़क खोद रही है। न्यूज चैनल एनडीटीवी पर प्राइम टाइम शो के एंकर रवीश कुमार ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लोगों को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी वर्ग जनता नहीं है। जनता होना उसके लिए पार्ट टाइम है। फुलटाइम वह धार्मिक है। उसकी राजनीति धार्मिक होने की है।

पोस्ट में रवीश कुमार लिखते हैं, सरकार ने किसानों को रोकने के लिए हाईवे तक खोद डाले। अगर यही काम किसानों ने किया होता तो उन्हें आतंकवादी बता दिया गया होता। सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के तहत हर्जाना वसूलने के कानून की धाराएं लगा दी गईं होतीं। यहां तो सरकार ही सड़क खोद रही है। उसके लिए जरूर ऊपर से निर्देश गए होंगे कि अब ये किसान वोट के लिए जरूरी नहीं रहे। राजनीतिक रूप से हिन्दू बना दी गई जनता अब धर्म पर वोट करेगी। जनता का एक बड़ा तबका मुद्दे पर वोट नहीं करेगा। धर्म की पहचान पर ही करेगा। चाहे वो बेरोजगार हो या किसान या कोविड-19 के दौरान बिना सैलरी के काम करने वाले डॉक्टर हों या सरकारी कर्मचारी।

बकौल पत्रकार रवीश कुमार अपने मीडिया बल के जरिए सरकार ने इन किसानों को पंजाब हरियाणा का कुछ किसान बना दिया है। बाकी किसानों के खाते में चार महीने पर दो हजार पहुंच जाएंगे। 2024 से पहले यह राशि बढ़ भी जाएगी। इसलिए सरकार फसल के दाम और अन्य मांगों की परवाह क्यों करेगी। गड्ढे खोदने के बाद भी चुनाव में वोट उसी को मिलेगा। अगर विपक्ष किसी उम्मीद में किसी आंदोलन के साथ है तो उसकी मर्जी। विपक्ष को अब तीर्थ समझ कर इन आंदोलनों में जाना चाहिए।

यह रणनीति मोदी सरकार की सबसे सफल राजनीति है। इसलिए उसे किसी तबके के जनता होने प्रदर्शन करने या नाराज़ होने से परेशान नहीं होती। एक बार धर्म के खतरे की घंटी बजेगी, सारे मुद्दे ख़त्म हो जाएँगे। इसी विश्वास में यह सरकार किसानों के दिल्ली पहुँचने से रोकने के लिए सड़कें खोद देती है और मिडिल क्लास जो कि हिन्दू क्लास है इसे सहज स्वीकार भी कर लेता है। अब कोई भी वर्ग जनता नहीं है। जनता होना उसके लिए पार्ट टाइम है। फुलटाइम वह धार्मिक है। उसकी राजनीति धार्मिक होने की है। यानी कभी कभार पूजा पाठ की तरह जनता बन प्रदर्शन करेगी और हिन्दू धर्म की राजनीति करेगी। जाति भी इसी पहचान के भीतर आती है।

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