एनडीटीवी के को-फाउंडर प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को मुंबई एयरपोर्ट पर विदेश जाने से रोक दिया गया। दोनों मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों को एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सीबीआई के निर्देश पर विदेश जाने से रोक दिया। एनडीटीवी ने एक ट्वीट के जरिए इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।

कंपनी ने ट्वीट किया ‘यह पूरी तरह से मूल अधिकारों पर सीधा हमला है। एनडीटीवी संस्थापक राधिका रॉय और प्रणय रॉय को विदेश जाने से रोक दिया गया। उन्हें एक सप्ताह बाहर रहना था और 15 तारीख को वापस भारत आना था। लेकिन 2 साल पहले झूठे भ्रष्टाचार के केस के आधार पर दोनों को रोका गया जबकि वह इस मामले की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। आज की यह घटना और मीडिया मालिकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई मीडियावालों के लिए चेतावनी है कि या तो वह उनके (सरकार) पीछे चले या फिर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।’

एनडीटीवी ने कहा कि सीबीआई ने 2 साल पहले उनकी कंपनी आरआरपीआर द्वारा आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए एक लोन को लेकर मामला दर्ज किया था जो समय से पहले सूद समेत पूरी तरह वापस कर दिया गया था। इसे दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। उन्हें एयरपोर्ट पर रोकने की जानकारी कोर्ट को नहीं दी गई। हालांकि कंपनी ने अपने बयान में यह नहीं बताया है कि वे दोनों किस कारण से विदेश जा रहे थे।

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मालूम हो कि इससे पहले जून महीने में सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने एनडीटीवी के तीन प्रोमोटर्स को सिक्योरिटीज मार्केट में दो साल के लिये प्रतिबंधित कर दिया। इन प्रोमोटर्स में प्रणय रॉय, राधिका रॉय और इन दोनों की कंपनी आरआरपीआर होंल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। सेबी ने रॉय और राधिका रॉय को दो साल तक कंपनी के निदेशक मंडल या शीर्ष प्रबंधन में किसी भी तरह की भूमिका से भी प्रतिबंधित कर दिया था। ये दोनों अब किसी अन्य कंपनी के निदेशक मंडल या शीर्ष प्रबंधन में एक साल तक शामिल नहीं हो सकते। सेबी के फैसले पर प्रणय और राधिका ने कहा था कि सेबी का आदेश गलत आकलन पर आधारित है। इसके साथ ही बेहद ही असामान्य और अनुचित दिशा में दिया गया है।