विदेश की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रियंका और वाड्रा पर निशाना साधा तो कांग्रेस ने मां के मुद्दे पर महाभारत छेड़ दिया। पलटवार करते हुए भाजपा ने फिर राहुल पर हमला बोल दिया।
सिलिकॉन वैली में प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पिछली सरकार व सोनिया गांधी पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए उनके बच्चोंं व दामाद राबर्ट वाड्रा पर निशाना साधा। भारतीय समुदाय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि नेताओं के बेटे 200 करोड़ बनाते हैं, बेटी 500 करोड़ बनाती है, दामाद 1000 करोड़ बनाते हैं, लेकिन उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है।
इस पर कांग्रेस का बौखलाना स्वाभाविक था। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की मनोदशा राष्ट्रीय चिंता का विषय है। उसकी जांच कराई जानी चाहिए। यह गंभीर विषय है और उन्हें काउंसलिंग की जरूरत है। उनकी विदेश यात्राओं के दौरान लोक कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले संगठनों की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए जरूरी लाखों डालर के स्रोत की भी जांच की मांग की।
इतना ही नहीं, अपनी मां से जुड़ी घटनाओं को याद करते हुए प्रधानमंत्री के भावुक हो जाने का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि अपनी विशिष्ट शैली के अनुरूप प्रधानमंत्री ने एक बार फिर बड़े-बड़े दावे करते हुए नाटकबाजी, भावना और नाटकीयता का सहारा लिया।
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उन्होंने मोदी के इस बयान पर सवाल खड़े किए कि उन्होंने बचपन में चाय बेची थी और यह कि उनकी मां ने उनके पालन पोषण के लिए दूसरों के घरों में काम किया। उन्होंने कहा कि अपने बारे में किए गए ये दावे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपने बचपन में मोदी अपने चाचा की कैंटीन का काउंटर संभालने में मदद करते थे। मोदी अपने को प्रभावशाली नेता मानते हैं लेकिन आश्चर्य की बात है कि वह यह सुनिश्चित क्यों नहीं करते कि उनकी मां उनके साथ ही रहें।
शर्मा ने कहा कि क्या यह एक बेटे का कर्तव्य नहीं है कि वह अपनी मां की देखभाल करे? उन्होंने कहा कि मोदी 12 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे लेकिन उस समय और अब भी वह अपनी मां को अपने घर लेकर नहीं आए हैं। पिछले साल नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह में भी वह अपनी मां को नहीं लाए। प्रधानमंत्री विदेशों में अपनी सरकारी यात्राओं का दुरुपयोग कर रहे हैं और हम रैलियों की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग करते हैं। तैयारियों के लिए महीनों पहले जाने वाले लोगों और आरएसएस कार्यकर्ताओं के सहयोग से लाखों डालर खर्च किए गए।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर शर्मा ने प्रधानमंत्री पर पाखंडी होने का आरोप लगाया और कहा कि वह विरोधियों के खिलाफ आरोप लगाकर दोहरा मानदंड अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ललितगेट विवाद, खनन घोटाला और व्यापमं मुद्दे पर अपने ही मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हम इस दोहरे मानदंड की निंदा करते हैं।
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सिलिकॉन वैली की यात्रा के दौरान मोदी द्वारा किए गए दावों पर हमला बोलते हुए शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजनीतिक बयानों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया है। उनकी मनोदशा, राष्ट्रीय चिंता का विषय है। उनकी अस्वस्थ मनोदशा परेशानी पैदा करने वाली है और उन्हें गंभीर काउंसिलिंग की आवश्यकता है। मोदी के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा है और रोजगार घटे हैं, निर्यात कम हो रहा है, ऋण लेने में कमी आ रही है। इसके अलावा क्षमता में वृद्धि नहीं हो रही है, पूंजी निर्माण नकारात्मक हो रहा है वहीं रुपया कमजोर हो रहा है।
जवाब में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपनी मां के प्रति श्रद्धा और सोनिया गांधी द्वारा अपने अयोग्य पुत्र के प्रति मोह के चलते कांगे्रस को तबाह किए जाने की तुलना की। पार्टी प्रवक्ता एमजे अकबर ने संवाददाताओं से कहा कि यह संभवत: महत्वपूर्ण और खुलासा करने वाली बात है कि कांग्रेस ने एक ऐसे भावुक क्षण पर घटिया और दयनीय तरीके से टिप्पणी कर इस मामले को व्यक्तिगत बना दिया जब प्रधानमंत्री अपनी मां के कामों का स्मरण कर रहे थे।
वह अपनी मां का आदर करते हैं। चुनावी विजय के बाद वह उनके चरण स्पर्श करने गए थे। यह कांगे्रस से बिल्कुल विपरीत बात है जहां एक मां ने पार्टी को तबाह कर दिया और वह अपने अयोग्य पुत्र के प्रति अपने मोह के चलते राष्ट्र को तबाह करने का प्रयास कर रही हैं। इसी लाड़प्यार के चलते राहुल गांधी भारतीय राजनीति के बिगडैÞल बच्चे बन गए हैं।
