कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। ये वायरस 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है और दुनिया भर में अबतक 4500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ऐसे में इस खतरनाक वायरस से लड़ने के लिए भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) सार्क देशों के सामने एक प्रस्ताव रखा है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर सार्क देशों को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मजबूत रणनीति बनाने के लिए कहा है। पीएम मोदी के इस बयान की भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव और पाकिस्तान जैसे देशों ने सराहना की है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सार्क देशों का नेतृत्व कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मजबूत रणनीति बनाए। पीएम मोदी ने कहा कि दक्षिण एशिया को स्वस्थ बनाने की दिशा में हमें दुनिया के सामने मिसाल पेश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने लोगों को स्वस्थ रखने पर चर्चा कर सकते हैं।

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबया राजपक्षे ने कहा “पीएम मोदी, महान पहल के लिए धन्यवाद, श्रीलंका चर्चा में शामिल होने और हमारी सीखने और प्रैक्टिस अन्य सार्क सदस्यों के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं। आइए इन कोशिशों के दौरान एकजुटता बनाएं और अपने नागरिकों को सुरक्षित रखें।”

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने लिखा “मैं कोरोनोवायरस से लड़ने के लिए सार्क देशों के नेतृत्व द्वारा एक मजबूत रणनीति बनाने के लिए पीएम मोदी जी द्वारा उन्नत विचार का स्वागत करता हूं। मेरी सरकार हमारे नागरिकों को इस घातक बीमारी से बचाने के लिए सार्क सदस्य राज्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।

मालदीव के राष्ट्रपति, इब्राहिम मोहम्मद सोलीह ने कहा “इस महत्वपूर्ण प्रयास पर पहल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद। COVID19 को हराने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। मालदीव इस प्रस्ताव का स्वागत करता है और इस तरह के क्षेत्रीय प्रयासों का पूरी तरह से समर्थन करेगा।”

भूटान के पीएम लोटे ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा “ये होता है नेतृत्व, इस क्षेत्र के सदस्यों के रूप में, हमें ऐसे समय में एक साथ आना चाहिए। छोटी अर्थव्यवस्थाओं पर ज्यादा असर पड़ रहा है। आपके नेतृत्व के साथ, मुझे कोई संदेह नहीं है कि हम तत्काल और प्रभावशाली परिणाम देखेंगे।”

वहीं पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि उनका देश अपने नागरिकों को कोरोना वायरस से बचाने की कोशिश में जुटा है और जरूरत पड़ने पर वह अपने पड़ोसियों को भी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। देश में कोरोना वायरस के अब तक 21 सत्यापित मामले सामने आये हैं। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी ने बुधवार को कहा कि सरकार कोरोना वायरस के प्रसार को सीमित करने के लिए स्थिति पर नजर रख रही है ।

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के सिलसिले में जैसा कि मैंने पहले कहा था कि पाकिस्तान सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वह पाकिस्तान के अंदर नागरिकों के लिए जरूरी कदम कठाएगी एवं अपने पड़ोसियों को कोई भी जरूरी सहायता प्रदान कर सकती है।’’ फारूकी ने हालांकि इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या पाकिस्तान इस घातक विषाणु का मुकाबला करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।