जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शेरनी बताया है। मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी बहुत बहादुर हैं और वह नहीं झुकेंगी।
महबूबा मुफ्ती ने यह बात कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेसी फर्म I-PAC के दफ्तर और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी को लेकर कही।
ईडी की इस कार्रवाई को लेकर अच्छा खासा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है।
ईडी का I-PAC दफ्तर पर छापा, प्रतीक जैन के आवास पर भी तलाशी
छापेमारी को लेकर उठाए सवाल
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ईडी या अन्य जांच एजेंसियों द्वारा इस तरह की छापेमारी एक सामान्य बात हो गई है, लेकिन पूरा देश अब इसका स्वाद चख रहा है।
पीडीपी चीफ ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किये जाने के बाद उनकी, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की गिरफ्तारी को लेकर कहा, ‘‘जब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया, तब छापे मारे गए थे और तीन मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला गया था, उस वक्त अधिकांश राजनीतिक दलों ने चुप्पी साधे रखी। अब यही स्थिति पूरे देश में देखने को मिल रही है।’’
पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘बनर्जी बहुत बहादुर हैं, वह एक शेरनी हैं, वह बेहतर ढंग से उनका मुकाबला करेंगी और आत्मसमर्पण नहीं करेंगी।’’
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ममता ने किया मार्च का नेतृत्व
इस मामले में टीएमसी ने शुक्रवार को कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में मार्च निकाला। ममता ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और समर्थकों के साथ 8बी बस स्टैंड क्षेत्र से मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उस पर 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बदले के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
ममता ने आरोप लगाया है कि ईडी विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और गोपनीय डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है, जिनका किसी भी वित्तीय जांच से कोई लेना-देना नहीं है।
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