महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व में गठबंधन सरकार के गठन पर अपने 50-50 रुख में नरमी दिखाने वाली शिवसेना ने एक बार फिर प्रदेश में सबसे बड़े दल को आंखों दिखाने शुरू कर दी है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘जो-जो प्रमुख नेता है या तो वो हार गए हैं या उनको सत्ता से दूर रखने की साजिश चल रही है।’ साफ कहा कि पार्टी का पुराना स्टैंड कायम है। उन्होंने भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने गठनबंधन की सरकार में शिवसेना को 13 सीटों (मंत्री पद) से ज्यादा सीटों का हकदार बताया।
राउत ने कहा, ‘क्या सुधीर मुनगंटीवार मंत्री बनने जा रहे हैं।’ मुनगंटीवार ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा की तरफ से 13-26 के प्रस्ताव पर कहा था कि ‘हम इन चीजों पर चर्चा कर रहे हैं लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि शिवसेना 13 से ज्यादा सीटें डिजर्व करती है।’ उल्लेखनीय है कि शिवसेना के अपनी मांगों को लेकर रुख नरम करने के संकेतों के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि गठबंधन के सहयोगी जल्द ही मिलकर राज्य में सरकार बनाएंगे। दो अन्य बड़े राजनीतिक दलों, कांग्रेस और राकांपा ने स्पष्ट तौर पर कह चुके है कि वे विपक्ष में रहेंगे जो राज्य में गैर भाजपा सरकार आने की संभावनाओं को खारिज करता है।
विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा को एक हफ्ता बीत जाने के बावजूद अगली सरकार की रूपरेखा को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राज्य भाजपा विधायक दल का फिर से नेता चुने जाने के बाद से ही शुरू हो गई थी। तब अपने रुख में नरमी लाते हुए, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र के व्यापक हित में ‘‘सम्मान’’ से समझौता किए बगैर पार्टी के लिए भाजपा नीत गठबंधन में बने रहना जरूरी है।
Sanjay Raut, Shiv Sena on Sudhir Mungantiwar’s statement ‘Shiva Sena deserves more than 13 (seats)’: Is Sudhir Mungantiwar going to become a minister? Jo-jo pramukh neta hain ya toh woh haar gaye hain ya unko satta se dur rakhne ki saazish chal rahi hai mere hisaab se. https://t.co/OPOBoE2s7i pic.twitter.com/aiCbn4V95b
— ANI (@ANI) October 31, 2019
राज्यसभा सदस्य ने कहा था, ‘‘व्यक्ति महत्वपूर्ण नहीं हैं, लेकिन राज्य का हित महत्वपूर्ण है। शांत तरीके से और राज्य के हित को ध्यान में रखकर फैसला करने की जरूरत है।’’ इसी बीच उद्धव ठाकरे नीत पार्टी बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाए जाने और 50:50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है जबकि भाजपा ने दोनों ही मांगे ठुकरा दी हैं। (भाषा इनपुट)

