कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को चुनाव करने समेत कई अहम मुद्दों पर बैठक की। इस बैठक के बाद कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की राष्ट्रीय प्रभारी और कांग्रेस की संयुक्त सचिव रुचि गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुप्ता को राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है।
रुचि गुप्ता ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा है। उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि संगठनात्मक बदलाव लाने में महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा “निरंतर देरी” करना पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने ट्वीट किया, “मुझे खेद के साथ यह घोषणा करना पड़ रहै है कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। मुझे सेवा करने का मौका देने के लिए मैं राहुल जी और सोनिया जी की आभारी हूं।”
रुचि ने हालही में ‘द हिंदू’ में एक लेख लिखा था। जिसमें उन्होंने पार्टी में कुछ बदलाव करने की बात कही थी। रुचि ने लिखा था कि कांग्रेस को पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों को सुलझाने, जमीनी स्तर से जुड़ने और “शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक मजबूत नेतृत्व” स्थापित करने की आवश्यकता है।” गुप्ता ने लिखा है कि राहुल गांधी ही कांग्रेस को संभाल सकते हैं और नेतृत्व कर सकते हैं।
बता दें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को राहुल गांधी से आग्रह किया कि वह एक बार फिर से पार्टी की कमान संभालें, जिस पर राहुल ने कहा कि पार्टी उन्हें, जो भी जिम्मेदारी देगी उसे निभाएंगे। साथ ही, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अध्यक्ष को चुनने का फैसला चुनाव पर छोड़ना चाहिए।
सूत्रों ने यह भी बताया कि बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने एकमत से राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की इच्छा जाहिर की। इन नेताओं में कई ऐसे वरिष्ठ नेता भी शामिल थे, जिन्होंने सक्रिय नेतृत्व और व्यापक संगठनात्मक बदलाव की मांग को लेकर पहले पत्र लिखा था। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैं वरिष्ठ नेताओं को महत्व देता हूं। इनमें से बहुत सारे लोगों ने मेरे पिता के साथ काम किया है।’’ अध्यक्ष बनने के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने के लिए तैयार हूं।’’

