भारत में कोरोनावायरस की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि, सरकार इसके बावजूद विदेश में फंसे अपने लोगों को लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। अब तक चीन, इटली, ईरान समेत कई देशों में फंसे भारतीय वापस लाए जा चुके हैं। गुरुवार को एक विमान से बांग्लादेश में फंसे छात्रों को भी कश्मीर लाया गया। सरकार के निर्देश के मुताबिक, इन छात्रों को एहतियात के तौर पर क्वारैंटाइन (अलग-थलग) में भेजा जाना था। हालांकि, क्वारैंटाइन की बात सुनते ही छात्रों ने एयरपोर्ट पर हंगामा कर दिया। न्यूज एजेंसी एएनआई ने कश्मीर पुलिस के हवाले बताया कि छात्रों ने उनका विरोध किया और श्रीनगर एयरपोर्ट पर खिड़कियां तोड़ दीं।

पुलिस ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है। बताया गया है कि छात्रों से पहले प्रशासन से सहयोग करने के लिए कहा गया। लेकिन वे नहीं माने। हंगामे के दौरान उन्होंने अराइवल एरिया में लगी खिड़कियां तोड़ दीं। इसी दौरान एयरपोर्ट टर्मिनल के बाहर खड़े उनके माता-पिता ने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। स्थिति को संभालने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) को स्थानीय पुलिस को बुलाना पड़ा।

कश्मीर पुलिस के मुताबिक, “स्थानीय पुलिस कुछ देर बाद मजिस्ट्रेट के साथ पहुंची और छात्रों को समझाने की कोशिश की। लेकिन वे नहीं माने और तोड़फोड़ जारी रखी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। जिला प्रशासन ने बाद में उन्हें अलग-अलग जगहों पर क्वारैंटाइन के लिए भेजा।”

पुलिस ने कश्मीर में समाज के सभी लोगों से कोरोनावायरस महामारी को रोकने के लिए मदद की अपील की है। भारत में अभी कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या 173 है, जबकि 4 लोगों की इससे मौत हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर से अब तक कोरोना के 4 मामले सामने आए हैं। इनमें से तीन मामले जम्मू के हैं। एक मामला कश्मीर का है। प्रशासन ने दो हजार से ज्यादा लोगों को उनके घरों में क्वारैंटाइन में रखा है, वहीं 30 से ज्यादा लोगों को हॉस्पिटल में रखा गया है।