दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में रविवार की देर शाम नकाबपोश लोगों ने कैंपस में घुसकर जमकर बवाल मचाया। छात्रों और शिक्षकों की लाठी, डंडे और रॉड से पिटाई की। पुलिस भी काफी समय बाद कैंपस में पहुंची। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि डंडे और हथियार से लैस नकाबपोश हमलावर बेखौफ सड़क पर घूम रहे हैं। घटना को अंजाम देने के बाद वे आराम से वापस जा रहे हैं। तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो की वजह से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जरुरत है कि उच्च पदों पर बैठे पुलिस अधिकारी और संबंधित नेता यह बताएं कि इन नकाबपोशों के खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई की गई।
टि्वटर यूजर @DrMBA1 ने इस वीडियो को लेकर लिखा है, “जरा पीछे चलें और 2002 के बारे में कल्पना करें। उस समय मोबाइल कैमरा भी नहीं थे कि इस तरह की घटनाओं को कैप्चर किया जा सके। टि्वटर भी नहीं था जिसके माध्यम से ऐसी घटनाओं पर पूरे देश का ध्यान आकर्षित करवाया जा सके। ऐसे में पुलिस और मोदी ने क्या किया होगा?” सत्येंद्र @satyendra208 लिखते हैं, “जिस देश की सियासत में 65-75% दागी माफिया सजायाफ्ता शामिल हों, कानून की लगाम उनके हाथ में हो, तो ऐसा नजारे आम है। युवाओं के पास रोजगार नहीं है। बेकार बैठे युवाओं का रोजगार है हिंसा। एक दुसरे को मारो नीति।”
Shocking to see masked vigilantes with rods walking about as @DelhiPolice merrily watches them go by. Elsewhere cops have opened fire with lethal consequences for lesser provocation. Top cops and their political bosses need to explain why police took no action against goons. pic.twitter.com/sWXpMl7vWF
— Rahul Kanwal (@rahulkanwal) January 6, 2020
नकाबपोशों का कोहराम: JNU पहुंचे डॉक्टरों और नर्सों को भी नहीं बख्शा, एम्बुलेंस तक पर हमला
कश्मीर सिंह @Kashmee75564272 लिखते हैं, “अगर आप भी सही मुद्दों और देश की बात करेंगे तो आतंकवादी घोषित कर दिए जाओगे।” अजाज बाबू @ajazkhan15191 लिखते हैं, “2 मिनट जरा सोचिये। दिल्ली देश की राजधानी है। यहीं दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट है। सारे मंत्रालय हैं। आर्मी, एयरफोर्स और कई अर्धसैनिक बलों का मुख्लालय है। दिल्ली पुलिस केन्द्र के अन्दर है और फिर भी दर्जनो नकाबपोश गुंडे JNU घुसकर मारपीट करके चले जाते हैं। वाह रे शासन!”
अनिल शर्मा @anil_nagrik ट्वीट करते हैं, “यदि दिल्ली पुलिस बिना कंप्लेंट या वीसी की रिक्वेस्ट के कार्रवाई करती तो सभी कहते छात्र तो डांडी यात्रा कर रहे थे। छात्रों की कोई गलती नहीं थी। सारा दोष पुलिस का। छात्र राजनीतिक दलों को बैन कर, छात्र संघ को बर्खास्त कर देना चाहिए ताकि छात्र शिक्षा पर ध्यान दे सकें।” जयेश धवल @JayeshDhawal लिखते हैं, “आज JNU में सत्ता संरक्षण प्राप्त नकाबपोश गुंडों ने महिला छात्रावास में घुसकर छात्राओं के साथ मार पीट की। कहां है दिल्ली पुलिस। प्रशासन नेता सब मुंह में दही जमाये बैठा है। आखिर कब बंद होगा ये अत्याचार…!! अभी तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? सरकार से सवाल क्यों नहीं करते आप??”
