भारत सरकार साल 2022 से पहले तीन भारतीयों को गगनयान प्रोजेक्ट के तहत अंतरिक्ष भेजेगी। शुक्रवार (28 दिसंबर) को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि तीनों भारतीय अंतरिक्ष में सात दिन बिताएंगे। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का कुल खर्च आएगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के भाषण में गगनयान परियोजना की घोषणा की थी। वह बोले थे कि इस परियोजना को 2022 तक अमल में लाया जाएगा। महत्वाकांक्षी परियोजना में मदद के लिये भारत ने पहले ही रूस और फ्रांस के साथ समझौते किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरिक्ष भेजे जाने वाले तीन भारतीय नागरिकों में एक महिला भी शामिल होंगी। सात दिन तक अंतरिक्ष में रहने के बाद ‘गगनयान’ के चालक दल को लेकर अरब सागर, बंगाल की खाड़ी या फिर जमीन पर उतरने की संभावना है। कहा जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा से भी इस सिलसिले में सलाह-मशविरा किया जाएगा।

बता दें कि भारत से पहले अमेरिका, रूस और चीन अंतरिक्ष में मानवयुक्त यान भेजने में सफल रहे हैं, जबकि भारत ने 2022 से पहले यह काम करने की रूपरेखा तैयार की है। अगर देश यह काम करने में कामयाब रहा तो वह ऐसा करने वाला विश्व का चौथा देश बन जाएगा।

क्या कहा था PM ने भाषण में: लाल किले की प्राचीर से पीएम ने कहा था- 2022 तक ‘गगनयान’ से भारतीय अंतरिक्ष में जाएंगे। 2022, यानी आजादी के 75वें साल में या संभव हुआ तो उससे पहले ही, भारत ‘गगनयान’ से अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जाएगा। देश के बेटे-बेटी 2022 तक अंतरिक्ष पहुंचेगे।

‘अगले साल ISRO का 22 से ज्यादा मिशनों का लक्ष्य’: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2019 के लिए 22 से ज्यादा मिशनों का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसरो ने अगले तीन साल में 50 से अधिक मिशनों के लक्ष्य की अपनी रूप-रेखा प्रकट की है। सरकार ने अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए बजट में वृद्धि की है। उनके मुताबिक, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अत्यधिक सफल और वाणिज्यिक मिशनों के कारण अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसरो के पास बड़ी संख्या में स्वीकृत मिशन हैं जो उद्योग के लिए भी एक बड़ा अवसर दर्शाते हैं। (भाषा इनपुट के साथ)