भारत चीन सीमा विवाद को लेकर मंगलवार को कहा गया कि दोनों देश पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) से अपनी-अपनी सेनाएं वापस बुलाए जाने को लेकर सहमति जताई है। लेकिन सैटेलाइट इमेज की तस्वीरें बता रही हैं कि ड्रैगन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। ताजा तस्वीरों में यह बात सामने आई है कि गलवान घाटी के पास अभी चीन निमार्ण कार्य कर रहा है और उसके कुछ फौजी अभी भी वहां मौजूद हैं। तस्वीर में नजर आ रहा है कि गलवान नदी के ऊपर पुलिया बनाई गई हैं, यहां चीनी हिस्से में रोड जैसी संरचना दिखाई दे रही है। चीन उस इलाके में ही निर्माण कार्य कर रहा है जहां बीते दिनों दोनोंं देश की सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
तस्वीरों में बताया गया है कि LAC की ओर जाने वाली सड़क का भी चौड़ीकरण किया गया है। तस्वीरों में सड़क के किनारे मिट्टी हटाने वाली बड़ी मशीनें साफ नजर आ रही हैं। वहीं भारत की सीमा में ऐसी कोई गतिविधि नहीं हो रही है। भारत ने छह किलोमीटर लंबा हाईवे बनाकर तैयार किया है, जो दक्षिण के डुर्बुक को उत्तर के दौलत बेग को जोड़ता है। जानकारों का कहना है कि चीन को भारत के इस निर्माण से दिक्कत है। इस सड़क से भारत के सैनिकों को मदद पहुंचाने में आसानी होगी। भारत का कहना है कि किसी भी स्थिति में पूर्वी लद्दाख में चल रहा यह निर्माण कार्य रोका नहीं जाएगा।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक जब भारत और चीन के बीच बातचीत जारी है लेकिन इसके बाद भी चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ-साथ फिंगर क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में निर्माण जारी रखा है। चीनी सेना ने 4 मई से पूर्वी लद्दाख सेक्टर में LAC के साथ अपना निर्माण शुरू किया और भारी तोपखाने, बख्तरबंद रेजिमेंट और रक्षा बैटरी के साथ 10,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया।पांगोंग त्सो झील के साथ फिंगर क्षेत्र में, चीनी सैनिकों की तैनाती और निर्माण जैसी सैन्य गतिविधियों बढ़ रही हैं।
बता दें कि 15 जून की रात लद्दाख में भारत की सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के बीच गलवान घाटी में ही हिंसक झड़्प हुई थी। ये हिंसक झड़प लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास गलवान घाटी में हुई थी।

