तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत और रूस के बीच साझेदारी बढ़ती जा रही है। अब इसे 100 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार को राजदूत विनय कुमार ने कहा कि भारत और रूस 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार में 100 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि व्यापार का दायरा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
रूस के साथ होगी फ्री ट्रेड डील?
विनय राजदूत कुमार ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर समाचार एजेंसी PTI से बात करते हुए कहा, “पिछला साल खास तौर पर काफी सक्रिय रहा। राष्ट्रपति (व्लादिमीर) पुतिन का दौरा बहुत सफल रहा। 2030 तक 100 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह से संभव है। नए सामानों की पहचान सहित कदम उठाए जा रहे हैं, और एक मुक्त व्यापार समझौता इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।”
इन सेक्टर में बढ़ा व्यापार
विनय कुमार ने यह भी बताया कि उर्वरक, कृषि और इंजीनियरिंग में नए अवसरों के साथ व्यापार बढ़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार FY 2024-25 में रूसी कच्चे तेल के बड़े आयात के कारण भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार लगभग 68.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। राजदूत ने कहा, “अधिकतर व्यापार पहले से ही राष्ट्रीय मुद्राओं में किया जा रहा है और यह प्रवृत्ति जारी रहेगी क्योंकि हम व्यापार और आर्थिक संबंधों को और गहरा करेंगे।”
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इससे पहले 77वें गणतंत्र दिवस पर दूतावास परिसर में बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजदूत विनय कुमार ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सक्रिय और परिणाम पर जोर दिया। पिछले महीने पुतिन के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया था कि भारत और रूस के बीच 100 अरब डॉलर का द्विपेंडीय व्यापार लक्ष्य 2030 से पहले हासिल कर लिया जाएगा। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ भारत-रूस बिजनेस फोरम में बोलते हुए पीएम मोदी ने रूसी व्यवसायों को ‘आओ और मेक इन इंडिया में निवेश कर और भारत के साथ साझेदारी करो’ के लिए आमंत्रित किया था। पढ़ें रूस में MBBS कर रहा राजस्थान का युवक डैम के अंदर मिला मृत
