कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर अमेठी संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को रोकने का आरोप लगाते हुए तीन मंत्रियों को चिट्ठी लिखी है। उन्हाेंने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र की सभी परियोजाओं जिसके लिए केंद्र से राशि मिलनी है, उसकी गति काफी धीमी हो गई है। पिछले 15 दिनों में राहुल गांधी ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर तीनों को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने 2013-14 में स्वीकृत परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये अभी भी लंबित हैं।

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार,  30 अगस्त को रेल मंत्री पीयूष गोयल को लिखे एक पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि 10 परियोजनाओं जिसे अमेठी के लिए स्वीकृत किया गया था, उसकी गति काफी धीमी है। पत्र में सभी परियोजनाओं की जानकारी देते हुए उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में लिखा गया है। नितिन गडकरी को लिखे गए एक अलग पत्र में उन्होंने अमेठी की उन दस सड़कों का जिक्र किया है, जिनकी स्थिति काफी खराब है। उन्होंने केंद्रीय सड़क फंड से इसके मरम्मत की मांग की है। पत्र के माध्यम से कहा कि, “ये सभी महत्वपूर्ण सड़कें हैं। प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द इनकी मरम्मत होनी चाहिए।”  एचआरडी मंत्री प्रकाश जावेडकर को लिखे एक अन्य पत्र के माध्यम से उन्होंने अमेठी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना, जो कि 2014 में बनी थी, पर ध्यान आकर्षित किया है।

2019 के लोकसभा चुनाव में यहां मुकाबला काफी रोचक रहने की उम्मीद है। कांग्रेस परिवार का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में विकास का मुद्दा हावी रह सकता है। एक ओर जहां भाजपा क्षेत्र का विकास न होने को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस मोदी सरकार पर यहां विकास कार्यों को रोकने का आरोप लगा रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ यहां से स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। उसके बाद से स्मृति ईरानी लगातार इस क्षेत्र पर नजरें बनाई हुई हैं। कुछ समय पहले वे इस संसदीय क्षेत्र में एक डिजिटल गांव का उद्घाटन करने आई थी, तब उन्होंने राहुल गांधी और गांधी परिवार पर हमला किया था।