पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि टीएमसी की रणनीति को ‘चोरी’ करने के लिए ईडी बीजेपी के राजनीतिक हथियार के रूप में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ईडी द्वारा इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कार्यालय और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान उनका वहां पहुंचना गलत नहीं था।

ममता बनर्जी ने धमकी दी है कि अगर उन्हें निशाना बनाया गया तो वह बीजेपी से जुड़ी गोपनीय जानकारी का खुलासा कर देंगी।

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दस किलोमीटर लंबे विशाल विरोध मार्च के बाद कोलकाता में आयोजित रैली को संबोधित किया।

‘ममता बनर्जी शेरनी हैं, वह नहीं झुकेंगी…’

कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया- ममता

ममता ने कहा कि उन्होंने छापेमारी वाली जगह पर टीएमसी चीफ के रूप में दखल दिया था, न कि मुख्यमंत्री के रूप में। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कल जो कुछ भी किया, वह तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर किया। मैंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है।’

ममता बनर्जी ने कहा कि ईडी सुबह-सुबह I-PAC के कार्यालय पहुंच गई और जब तक वह पहुंचीं, तब तक बहुत सारा सामान पहले ही ले जाया जा चुका था। उन्होंने ईडी पर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले उनकी पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तक पहुंचने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

I-PAC ने किस-किस के साथ किया काम? चुनावी राज्य तमिलनाडु से भी कनेक्शन

एजेंसियों पर कब्जा करने का आरोप

बनर्जी ने केंद्र पर हमला बोलते हुए दावा किया कि सभी एजेंसियों पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने बीजेपी पर कई राज्यों की सत्ता पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया। ममता ने सवाल किया, ‘‘आपने ताकत के बल पर महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार की सत्ता पर कब्जा किया। क्या आपको लगता है कि आप बंगाल पर भी कब्जा कर सकते हैं?’’ बनर्जी ने कहा कि कोई भी राजनीतिक हमला उनके संकल्प को और मजबूत करता है।

ममता ने कहा, “आप भाग्यशाली हैं कि मैं अभी भी पद पर हूं; इसीलिए मैंने (बीजेपी से संबंधित गोपनीय जानकारी वाली) पेन ड्राइव का खुलासा नहीं किया है। अगर आप मुझे निशाना बनाने की कोशिश करेंगे तो मैं वह जानकारी सार्वजनिक कर दूंगी… मुझे बहुत कुछ पता है लेकिन देश के हित में मैं नहीं बताना चाहती।”

चुनाव आयोग पर भी बोला हमला

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश करता है, तो मुझे नयी ऊर्जा मिलती है और पुनर्जन्म होता है।’’

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने उसकी मदद से महाराष्ट्र में जनादेश चुरा लिया था और अब एसआईआर के जरिये वैध मतदाताओं के नाम हटाकर बंगाल में भी ऐसा ही करने का प्रयास कर रही है।

कौन हैं प्रतीक जैन जिनके लिए केंद्र से भिड़ गईं ममता बनर्जी?