तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर राज्य में सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस चुनाव में एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। इसके प्रचार के लिए गृह मंत्री अमित शाह इन दिनों हैदराबाद में हैं। इस दौरान शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और एआईएमआईएम के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी पर निशान साधा और मिली भगत का आरोप लगाया।
इससे पहले उनपर ‘बीजेपी की बी टीम’ के आरोप भी लगे थे। इसपर असदुद्दीन ओवैसी ने उनपर पलट वर करते हुए कहा कि ‘मेरा हाल ऐसा है कि मैं एक लैला हूं और मेरे हजारों मजनूं हैं।’ ओवैसी का कहना था कि सभी पार्टियां मुझे मुद्दा बनाकर लाभ लेना चाहती हैं। ओवैसी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसने हैदराबाद में आई बाढ़ के दौरान यहां की जनता की पूरी तरह अनदेखी की।
ओवैसी ने कहा, ‘बिहार में कांग्रेस ने कह दिया कि मैं बीजेपी के साथ वोटकटवा हूं, बी टीम हूं। यहां हैदराबाद में कांग्रेस कह रही है कि अगर ओवैसी नहीं तो हमको वोट दे दो। बीजेपी कुछ और कह रही है। मुझे कोई फिक्र नहीं है।’ एआईएमआईएम नेता ने कहा “यानि मैं एक लैला हूं और हर कोई चाहता है कि मुझे मुद्दा बनाकर वोट हासिल किए जाएं। हैदराबाद की जनता यह देख रही है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी हैदराबाद के हर पहलू को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। यह बात तो अब जनता तय करेगी।”
इससे पहले ओवैसी की पार्टी और टीआरएस के बीच गुप्त समझौते की बात करते हुए शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री राव से सवाल पूछा कि मजलिस के साथ आप जो समझौता करते हो, उससे हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गुपचुप समझौता क्यों करते हैं? इतनी हिम्मत क्यों नहीं है कि मजलिस के साथ खुले आम सीटें शेयर करें. दोनों नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए।
इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद की जनता से एक मौका देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि हम हैदराबाद को वैश्विक स्तर का आईटी हब बनाने के लिए पूरी तैयारी करेंगे।

